आयुर्वेद दर्शन

आयुर्वेद दर्शन
Ayurveda Darshan
by वैद्य महादेव चन्द्रशेखर पाठक
Source: 1949 Edition · De Ra Ekatara Indoor · 1949 (origin)
DevanagariHindipublished235 pages
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पुनर्वसु आत्रेय का निर्णय और त्रिभागात्मक सिद्धांत
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हमारी सम्मति में भी त्रिभागात्मक सिद्धान्त ही आयुर्वेद का निर्णीत सृष्टि विज्ञान है और इसमें पुनर्वसु आत्रेय ने प्रजापतिवाद् और षड्धातुवाद दोनों का समुचित समन्वय किया है।