अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
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Read in contextहरितेभ्यः स्वाहा.. (५)
हरित नाम के ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (५)
क्षुद्रेभ्यः स्वाहा.. (६)
क्षुद्रों अर्थात् तुच्छ व्यक्तियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (६)
पर्यायिकेभ्यः स्वाहा.. (७)
पर्यायिकों अर्थात् पर्यायिक नाम वाले ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो.
(७)
प्रथमेभ्यः शङ्खेभ्यः स्वाहा.. (८)
प्रथम शंख नाम के ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (८)
द्वितीयेभ्यः शङ्खेभ्यः स्वाहा.. (९)
द्वितीय शंख नाम के ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (९)
तृतीयेभ्यः शङ्खेभ्यः स्वाहा.. (१०)
तीसरे शंख नाम के ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (१०)
उपोत्तमेभ्यः स्वाहा.. (११)
उपोत्तम अर्थात् उत्तमों के समीपवर्ती ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो.
(११)
उत्तमेभ्यः स्वाहा.. (१२)
उत्तम ऋषियों के लिए यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (१२)
उत्तरेभ्यः स्वाहा.. (१३)
उत्तरवर्ती अर्थात् बाद में होने वाले ऋषियों को यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (१३)
ऋषिभ्यः स्वाहा.. (१४)
ऋषियों को यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (१४)
शिखिभ्यः स्वाहा.. (१५)
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