Skip to content
SarvaKosh
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

Page 623 of 1063

Read in context
Page 623

जो जल, जो देवता, जो विराट् तथा जो प्रजापति कहे गए हैं, ब्रह्म के साथ आत्मा के
रूप में उन सभी ने पुरुष के शरीर में प्रवेश किया. (३०)
सूर्यश्चक्षुर्वातः प्राणं पुरुषस्य वि भेजिरे.
अथास्येतरमात्मानं देवाः प्रायच्छन्नग्नये.. (३१)
सूर्य ने पुरुष के नयनों को तथा वायु ने पुरुष के प्राणों को मृत्यु के बाद ले लिया. प्राणों
और इंद्रियों के अतिरिक्त पुरुष के शरीर को देवों ने अग्नि को दे दिया. (३१)
तस्माद् वै विद्वान् पुरुषमिदं ब्रह्मेति मन्यते.
सर्वा ह्यस्मिन् देवता गावो गोष्ठ इवासते.. (३२)
इसी कारण विद्वान् इस पुरुष को ब्रह्म मानते हैं. जिस प्रकार गाएं गोशाला में रहती हैं,
उसी प्रकार सब देवता मनुष्य के इस शरीर में निवास करते हैं. (३२)
प्रथमेन प्रमारेण त्रेधाविष्वङ् वि गच्छति.
अद एकेन गच्छत्यद एकेन गच्छत्यहैकेन नि षेवते.. (३३)
पुरुष के शरीर में प्रवेश करने वाला जीवात्मा इंद्रियों के द्वारा पुण्य और पाप रूपी कर्म
पूरे कर के मृत्यु के बाद स्वर्ग या नरक में स्थान प्राप्त करता है. पहले होने वाले स्थूल शरीर
की मृत्यु के बाद वह जीवात्मा शरीर त्याग कर अनेक नियमों के अनुसार तीन प्रकार से जाता
है. एक अर्थात् पाप कर्म से नरक में जाता है, पुण्य कर्म से स्वर्ग में जाता है तथा पुण्य और
पाप से मिले हुए दोनों प्रकार के कर्म से यहां सुख दुःखों को अनुभव करता है. (३३)
अप्सु स्तीमासु वृद्धासु शरीरमन्तरा हितम्.
तस्मिञ्छवो ऽ ध्यन्तरा तस्माञ्छवो ऽ ध्युच्यते.. (३४)
संसार को गीला करने वाले एवं बढ़े हुए उन जलों के मध्य शरीर स्थित है. उस ब्रह्मांड
शरीर के ऊपर, नीचे और मध्य में वह आत्मा कहा जाता है. (३४)
सूक्त-११ देवता—अर्बुदि
ये बाहवो या इषवो धन्वनां वीर्याणि च.
असीन् परशूनायुधं चित्ताकूतं च यद्धृदि.
सर्वं तदर्बुदे त्वममित्रेभ्यो दृशे कुरूदारांश्च प्र दर्शय.. (१)
हमारे योद्धाओं के जो बाण, जो भुजाएं और बल है, तलवारें और फरसारूपी आयुध,
चित्त में संकल्पित शत्रुओं को मारना कार्य है, हे अर्बुद ऋषि के पुरुषार्थ! तुम यह सब हमारे
शत्रुओं को दिखलाओ. शत्रुओं को डसने के लिए हमें अंतरिक्ष में विचरण करने वाले राक्षसों
और पिशाचों को दिखाओ. (१)
ebook converter DEMO Watermarks*