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अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

Page 552 of 1063

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Page 552

कस्मिन्नङ्गे तिष्ठत्याहिता द्यौः कस्मिन्नङ्गे तिष्ठत्युत्तरं दिवः.. (३)
इस परमात्मा के किस अंग में भूमि स्थित रहती है? इस के किस अंग में अंतरिक्ष होता
है? यह दृढ़ द्यौ इस के किस अंग में स्थित है? ऊंचा स्वर्ग इस के किस अंग में स्थित है? (३)
क्व १ प्रेप्सन् दीप्यत ऊर्ध्वो अग्निः क्व १ प्रेप्सन् पवते मातरिश्वा.
यत्र प्रेप्सन्तीरभियन्त्यावृतः स्कम्भं तं ब्रूहि कतमः स्विदेव सः.. (४)
ऊपर की ओर चलने वाली अग्नि, कहां जाने की इच्छा से प्रज्वलित होती है? वायु कहां
जाने की इच्छा करती हुई चलती हैं? आवागमन के चक्कर में पड़े हुए प्राणी जहां जाने की
इच्छा से गतिशील हैं, उस जगदाधार का वर्णन करो कि वह कौन है. (४)
क्वार्धमासाः क्व यन्ति मासाः संवत्सरेण सह संविदानाः.
यत्र यन्त्यृतवो यत्रार्तवाः स्कम्भं तं ब्रूहि कतमः स्विदेव सः.. (५)
संवत्सर के साथ मिलते हुए अर्धमास अर्थात् पक्ष एवं मास कहां चले जाते हैं? ये ऋतुएं
और ऋतुओं से संबंधित पदार्थ कहां चले जाते हैं? उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह
क्या है? (५)
क्व १ प्रेप्सन्ती युवती विरूपे अहोरात्रे द्रवतः संविदाने.
यत्र प्रेप्सन्तीरभियन्त्यापः स्कम्भं तं ब्रूहि कतमः स्विदेव सः.. (६)
परस्पर विरोधी रूप वाले युवा दिन और युवती रात कहां जाने की इच्छा से एकमत हो
कर जाते हैं. जल जहां जाने की इच्छा से चले आ रहे हैं, उसी परमात्मा के विषय में बताओ
कि वह कौन है? (६)
यस्मिंस्तस्तब्ध्वा प्रजापतिर्लोकान्त्सर्वां अधारयत्.
स्कम्भं तं ब्रूहि कतमः स्विदेव सः.. (७)
जिस में स्थित रह कर प्रजापति समस्त लोकों को धारण करता है, उस परमात्मा के
विषय में बताओ कि वह कौन है? (७)
यत् परममवमं यच्च मध्यमं प्रजापतिः ससृजे विश्वरूपम्.
कियता स्कम्भः प्र विवेश तत्र यन्न प्राविशत् कियत् तद् बभूव.. (८)
प्रजापति ने उत्तम, अधम और मध्यम के रूप में संसार की सभी वस्तुओं और प्राणियों
को बनाया है. इस संसार के कितने पदार्थ प्रजापति में प्रवेश कर चुके हैं? जो प्रवेश नहीं
करता, वह कौन है? (८)
कियता स्कम्भः प्र विवेश भूतं कियद् भविष्यदन्वाशये ऽस्य.
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