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अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

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Page 384

बृहस्पति पश्चिम दिशा से, उत्तर दिशा से तथा नीचे वाले स्थान से हिंसा करने वाले पुरुष
से मेरी रक्षा करें. इंद्र पूर्व दिशा से तथा बीच के स्थान से हमारी रक्षा करें. मित्र बने हुए इंद्र
हम स्तोताओं के लिए अधिक धन प्रदान करें. (१)
सूक्त-५४ देवता—सौमनस्य
संज्ञानं नः स्वेभिः संज्ञानमरणेभिः. संज्ञानमश्विना युवमिहास्मासु नि
यच्छतम्.. (१)
अपने लोगों के साथ हमारा एकमत हो तथा अनुकूल न बोलने वाले अर्थात् प्रतिकूल
पुरुषों के साथ हम समान ज्ञान वाले हों. हे अश्विनीकुमारो! तुम दोनों इस समय इस विषय में
अपने और परायों के साथ हमें एकमत बनाओ. (१)
सं जानामहै मनसा सं चिकित्वा मा युष्महि मनसा दैव्येन.
मा घोषा उत्स्थुर्बहुले विनिर्हते मेषुः पप्तदिन्द्रस्याहन्यागते.. (२)
हम अपने मन के साथ दूसरों के मन को संयुक्त करें और जाग कर दूसरों के कार्यों से
संगत बनें. हम देव संबंधी मन अर्थात् देवों के प्रति श्रद्धा रखने वाले मन के कारण दूसरों से
अलग न हों. अधिक कुटिलता संबंधी शब्द न उठें. दिन निकलने पर इंद्र के वज्र के समान
मर्मवेधी वाणी हमें सुनाई न दे. (२)
सूक्त-५५ देवता—आयु
अमुत्रभूयादधि यद् यमस्य बृहस्पतेअभिशस्तेरमुञ्चः.
प्रत्यौहतामश्विना मृत्युमस्मद् देवानाम्ने भिषजा शचीभिः.. (१)
हे बृहस्पति! परलोक में भवन वाले यमराज के शाप से तुम इस ब्रह्मचारी को छुड़ाते
हो. यमराज का शाप मरण का कारण है. हे अग्नि! तुम्हारी कृपा से अश्विनीकुमार अपनी
क्रियाओं के द्वारा हमारे ब्रह्मचारी को मृत्यु के कारण से छुड़ाएं. (१)
सं क्रामतं मा जहीतं शरीरं प्राणापानौ ते सयुजाविह स्ताम्.
शतं जीव शरदो वर्धमानो ऽ ग्निष्टे गोपा अधिपा वसिष्ठः.. (२)
हे प्राण और अपान वायु! तुम दोनों आयु की कामना करने वाले मनुष्य के शरीर में
संक्रमण करो तथा उस के शरीर का त्याग मत करो. हे आयु की कामना करने वाले पुरुष!
तेरे इस शरीर में प्राण और अपान वायु संयुक्त रहें. इस के पश्चात तू सौ वर्ष तक जीवित रहे.
जीवित रहते हुए तेरे हवि आदि से समृद्ध होते हुए अग्नि देव तेरी रक्षा करने वाले, तुझे अपना
समझने वाले तथा निवास स्थान देने वाले हों. (२)
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