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अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

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कोख में है. इस प्रकार स्वल्प जल में भी सारा जगत् छिपा हुआ है. (३)
उत यो द्यामतिसर्पात् परस्तान्न स मुच्यातै वरुणस्य राज्ञः.
दिव स्पशः प्र चरन्तीदमस्य सहस्राक्षा अति पश्यन्ति भूमिम्.. (४)
जो अनर्थकारी शत्रु पुण्य कर्मों से प्राप्त होने वाले स्वर्ग का अतिक्रमण कर के कुमार्ग
पर चलता है, वह राजा वरुण के पाशों से न छूटे. स्वर्गलोक से निकलने वाले वरुण के
गुप्तचर पृथ्वी पर घूमते हैं. वे हजार आंखों वाले होने के कारण भूलोक के सारे वृत्तांत को
देखते हैं. (४)
सर्वं तद् राजा वरुणो वि चष्टे यदन्तरा रोदसी यत् परस्तात्.
संख्याता अस्य निमिषो जनानामक्षानिव श्वघ्नी नि मिनोति तानि.. (५)
धरती और आकाश के मध्य में तथा राजा वरुण के सामने जो प्राणी रहते हैं, उन्हें वे
विशेष रूप से देखते हैं. उन के भलेबुरे कर्मों की गणना करने वाले वरुण उन के कर्मों के
अनुसार ऐसा दंड निश्चित करते हैं, जिस प्रकार जुआरी अपनी विजय के लिए पासे फेंकता
है. (५)
ये ते पाशा वरुण सप्तसप्त त्रेधा तिष्ठन्ति विषिता रुशन्तः.
छिनन्तु सर्वे अनृतं वदन्तं यः सत्यवाद्यति तं सृजन्तु.. (६)
हे वरुण! तुम्हारे उत्तम, मध्यम एवं अधम श्रेणी के सातसात पापियों के निग्रह के
निमित्त जहांत्हां बंधे हुए हैं. वे पाश पापियों की हिंसा करते हुए स्थित हैं, वे पाश असत्य
भाषण करने वाले हमारे शत्रु को काट दें और जो सत्यवादी है, उसे छोड़ दें. (६)
शतेन पाशैरभि धेहि वरुणैनं मा ते मोच्यनृतवाङ् नृचक्षः.
आस्तां जाल्म उदरं श्रंशयित्वा कोश इवाबन्धः परिकृत्यमानः.. (७)
हे वरुण! अपने सौ पाशों से इस असत्यवादी को बांधो. हे मनुष्यों के भलेबुरे कर्मों को
देखने वाले! असत्य बोलने वाला तुम से छूटने न पाए. बिना विचारे काम करने वाला अपने
उदर को जलोदर रोग से दूषित पा कर तलवार की म्यान के समान झूलता रहे. (७)
यः समाम्यो ३ वरुणो यो व्योम्यो ३ यः संदेश्यो ३ वरुणो यो विदेश्यः.
यो दैवो वरुणो यश्च मानुषः.. (८)
वरुण के सामान्य पाश समान रूप से एवं विशेष पाश विधि रूप से मनुष्यों को रोगी
बनाते हैं. वरुण का जो पाश समान देश में तथा जो विदेश में बांधने वाला है, जो पाश देवों से
संबंधित और जो मनुष्यों से संबंधित है, मैं उन सब पाशों से तुझे बांधता हूं. (८)
तैस्त्वा सर्वैरभि ष्यामि पाशैरसावामुष्यायणामुष्याः पुत्र.
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