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अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

पारम्परिक लोक संग्रह द्वारा

स्रोत: अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ) · खेमराज श्रीकृष्णदास / नवल किशोर प्रेस · 1935 (उद्गम)

DevanagariHindipublished292 पृष्ठ

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पृष्ठ संख्या
विषय
१९९-- इतने पैर पसारिये जितनी चादर होय ४८३
२००-- पूर्व जन्म का निर्णय ४८५
२०१-- रुई की चोरी ४८६
२०२-- आँखों देखी बात झूठी हो सकती है ४८७
२०३-- चोर पकड़ने की युक्ति ४८६
२०४-- बलात्कार ४९१
२०५-- हमारा पैर अधिक सुन्दर है ४९२