अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)

अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ)
पारम्परिक लोक संग्रह द्वारा
स्रोत: अकबर-बीरबल विनोद (न्याय, चातुर्य एवं हास्य कथाएँ) · खेमराज श्रीकृष्णदास / नवल किशोर प्रेस · 1935 (उद्गम)
DevanagariHindipublished292 पृष्ठ
पृष्ठ 11, कुल 292 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 11
( ७ )
विषय पृष्ठ संख्या
१११-पारस से बीरबल की समता ३४५
११२-मानो चन्द्र को चीर कुसुम चुवायो ३४६
११३-सूर और कादर ३४७
११४-जड़ वृक्ष की साक्षी ३४८
११५-हँसना अथवा रोना ३५०
११६-दो गधों का बोझ ३५२
११७-मैं ब्राह्मण बनूँगा ३५३
११८--शिकार में दिल चस्पी ३५५
११९-बेगम का कोप ३५७
१२०--दिल्ली के कौवों की गणना ३६२
१२१--औसान सच्चा है ३६३
१२२-अकबर भारत ३६४
१२३-मणिपुराधीश द्वारा बीरबल के
न्याय की परीक्षा ३६८
१२४--चञ्चल नैन छिपै न छिपाये ३७०
१२५-टूटे-फूटे सड़े को कैसी विधि सराहिये ३७१
१२६-केहि कारण डोल में हालत पानी ३७२
१२७-केहि कारण प्रात बफात है पानी ३७३
१२८-न्याय की घंटी ३७४