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यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

by डा. रेखा व्यास

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

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DevanagariSanskritpublished421 pages

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Page 16

चौदहवां अध्याय
इष्टकाओं की प्रतिष्ठा एवं महिमा १-८ १७१-१७३
प्रजापति द्वारा गायत्री छंद से मूर्धन्य ब्राह्मणों की उत्पत्ति ९ १७३
प्रजापति द्वारा जानवरों की उत्पत्ति १० १७३-१७४
इष्टका स्थापित करने का अनुरोध ११ १७४
इष्टका की स्तुति १२-१४ १७४
मास वर्णन १५ १७५
इष्टका से रक्षा की कामना १६-२७ १७५-१७८
विभिन्न देवलोकों की उत्पत्ति २८-३१ १७८-१८०
पंद्रहवां अध्याय
अग्नि की स्तुति १ १८१
अग्नि से शत्रु के नाश की कामना २-३ १८१
अग्नि की स्थापना ४-५ १८१-१८२
सत्य के लिए रश्मियों का प्रचारप्रसार ६ १८२-१८३
इष्टका की स्तुति ७-१४ १८३-१८५
रक्षा के लिए अग्नि से प्रार्थना १५ १८५
रक्षा के लिए विश्वकर्मा से प्रार्थना १६ १८५
आदित्य देव का वर्णन १७ १८६
अग्नि देव की स्तुति एवं स्वरूप निरूपण १८-६० १८६-१९३
इंद्र की स्तुति ६१ १९३
अग्नि परम इष्ट है ६२-६५ १९३-१९४
सोलहवां अध्याय
रुद्र देव की उपासना तथा वर्णन १-५ १९५
विभिन्न दिशाओं में फैली शक्तियां ६ १९५-१९६
रुद्र देव से रक्षा के लिए प्रार्थना ७-१६ १९६-१९७
रुद्र देव व गणपति आदि के लिए नमन १७-४६ १९७-२०३
रुद्र देव का स्वरूप निरूपण ४७-६४ २०३-२०६
रुद्र देव के लिए नमन ६५-६६ २०६
सत्रहवां अध्याय
अग्नि से कल्याणकारी होने के लिए कामना १-१६ २०७-२०९
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