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यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

by डा. रेखा व्यास

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

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DevanagariSanskritpublished421 pages

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पूर्वार्ध बारहवां अध्याय
हे अग्नि! आप अपने प्रिय धामों पर स्वेच्छा से सुशोभित हो रहे हैं. आप वर्तमान
और भविष्य की सब मनोकामनाओं के पूरक और सम्राट् हैं. आप दीप्तिमान हो
कर शोभित हो रहे हैं. ( ११७ )
यजुर्वेद - १५९