वेदान्तसार (सदानन्द योगीन्द्र - विद्वन्मनोरञ्जनी व हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedantasara of Sadananda with Hindi Commentary
by सदानन्द योगीन्द्र
Source: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (origin)
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Read in context२१८ वेदान्तसार
अनुवाद- अब अन्तरात्मारूप चैतन्य में 'यह आत्मा है', 'यह आत्मा है',
इसप्रकार जो आरोप किया जाता है, विशेषरूप से (उसके विषय में) कहा
जा रहा है-
(1) अत्यन्त सामान्यलोग तो 'आत्मा ही पुत्ररूप में उत्पन्न होता है',
इत्यादि श्रुति के वचन से एवं अपने समान ही अपने पुत्र में भी प्रेम को
देखने के कारण, पुत्र के पुष्ट एवं नष्ट होने पर 'मैं ही पुष्ट एवं नष्ट हो
गया' इत्यादि अनुभव के कारण 'पुत्र ही आत्मा है', इसप्रकार कहते हैं।
(2) चार्वाक् (मतानुयायी) तो "वह यह पुरुष अन्नरस का विकार है'
इत्यादि श्रुतिवचन के अनुसार, जलते हुए घर में अपने पुत्र को भी छोड़कर
स्वयं के (बाहर) निकल आने को देखकर, मैं मोटा हूँ, मैं पतला हूँ,
इत्यादि अनुभव के कारण, (यह) स्थूलशरीर ही आत्मा है, इसप्रकार कहता
है।
(3) अन्य चार्वाक् (मतानुयायी) 'वे प्राण अर्थात् इन्द्रियाँ प्रजापति के
पास जाकर बोलीं' इत्यादि श्रुतिवचन के अनुसार, इन्द्रियों के अभाव में
शरीर में गति का अभाव होने से, 'मैं काना हूँ', 'मैं बहरा हूँ' इत्यादि
अनुभवों के कारण, 'इन्द्रियाँ ही आत्मा हैं', इसप्रकार कहता है।
(4) अन्य चार्वाक् (मतानुयायी) 'आन्तरिक आत्मा (इससे) भिन्न
अर्थात् प्राणरूप है' इत्यादि श्रुतिवचन के अनुसार, प्राणों के अभाव में
इन्द्रिय आदि में गति न होने से, 'मैं भूखा हूँ', 'मैं प्यासा हूँ' इत्यादि
अनुभव के कारण, 'प्राण ही आत्मा है', ऐसा कहता है।
(5) अन्य चार्वाक् (मतानुयायी) तो 'आन्तरिक आत्मा (इससे) भिन्न
अर्थात् मनोमय है' इत्यादि श्रुतिवचन के अनुसार, मन के प्रसुप्त होने पर
प्राणादि का अभाव होने से, 'मैं सङ्कल्पवान् हूँ', 'मैं विकल्पवान् हूँ' इत्यादि
अनुभव के कारण, 'मन ही आत्मा है' इसप्रकार कहता है।
(6) बौद्ध (मतानुयायी) तो 'आन्तरिक आत्मा (इससे) अलग अर्थात्
विज्ञानमय है' इत्यादि श्रुतिवचन के अनुसार, कर्ता के अभाव में करण की
शक्ति का अभाव हो जाने के कारण, मैं कर्ता हूँ, मैं भोक्ता हूँ इत्यादि
अनुभव से, 'बुद्धि ही आत्मा है' इसप्रकार कहता है।
(7) प्रभाकर अनुयायी एवं न्याय (मतावलम्बी) तो 'आन्तरिक आत्मा
(इस सबसे) भिन्न अज्ञानमय है' इत्यादि श्रुतिवचन के अनुसार, बुद्धि आदि