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श्री रामकृष्ण वचनामृत (प्रथम भाग - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा अनूदित)

श्री रामकृष्ण वचनामृत (प्रथम भाग - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा अनूदित)

Sri Ramakrishna Vachanamrita (Part 1 - Tr. Nirala)

by श्री 'म' (महेंद्रनाथ गुप्त) / सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

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DevanagariHindipublished711 pages

Page 529 of 711

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Page 529

५०६ श्रीरामकृष्णवचनामृत २५ मई, १८८४

श्रीरामकृष्ण – (सहास्य) – वह ईश्वर के पास नहीं ले जा सकता, परन्तु रास्ता दिखा देता है।

भवनाथ – वाह! कैसी सुन्दर बात है!

श्रीरामकृष्ण – हाँ, यह बड़ी ऊँची बात है।

भक्तगण ये सब बातें सुनकर आनन्द मना रहे हैं।

(२)

कामिनी-कांचन के सम्बन्ध में उपदेश

श्रीरामकृष्ण – बन्धन का कारण कामिनी-कांचन है। कामिनी-कांचन ही संसार है। कामिनी-कांचन ही हमें ईश्वर को देखने नहीं देता।

यह कहकर श्रीरामकृष्ण ने अंगौछे से मुख छिपा लिया। फिर कहा, “क्या अब तुम लोग मुझे देख रहे हो? यही आवरण है। यह कामिनी-कांचन का आवरण दूर हुआ नहीं कि चिदानन्द मिले।

“देखो न, जिसने स्त्री का सुख छोड़ा उसने संसार का सुख छोड़ा, ईश्वर उसके बहुत निकट हैं।”

कोई भक्त बैठे, कोई खड़े ये सब बातें सुन रहे हैं।

श्रीरामकृष्ण – (केदार, विजय आदि से) – स्त्री का सुख जिसने छोड़ा, उसने संसार का सुख छोड़ा। यह कामिनी-कांचन ही आवरण है। तुम्हारे इतनी बड़ी बड़ी मूंछें हैं, तो भी तुम लोग उसी में हो! कहो, मन ही मन विचार करके देखो।

विजय – जी हाँ, यह सच है।

केदार चुप हैं। श्रीरामकृष्ण फिर कहने लगे – “सभी को देखता हूँ, स्त्रियों के वशीभूत हैं। मैं कप्तान के घर गया था। वहाँ से होकर राम के घर जाना था। इसलिए कप्तान से कहा – 'गाड़ी का किराया दे दो।' कप्तान ने अपनी स्त्री से कहा। वह स्त्री भी वैसी ही थी – 'क्या हुआ' 'क्या हुआ' करने लगी! अन्त में कप्तान ने कहा, 'खैर वे ही लोग (राम आदि) दे देंगे।' गीता-भागवत-वेदान्त सब स्त्री के सामने झुकते हैं। (सब हँसते हैं।)

“रुपया-पैसा और सर्वस्व बीबी के हाथ में! और फिर कहा जाता है – 'मैं दो रुपये भी अपने पास नहीं रख सकता – न जाने मेरा स्वभाव कैसा है।'

“बड़े बाबू के हाथ में बहुत से काम हैं, परन्तु वे किसी को देते नहीं। एक ने कहा गुलाब-जान के पास जाकर सिफारिश कराओ तो काम हो जायगा। गुलाब-जान बड़े बाबू की रखेली है।

“पुरुषों में यह समझ नहीं रह गयी कि देखें कि वे स्त्रियों के कारण कितना उतर