स्पन्दकारिका (भट्ट कल्लट स्पन्दवृत्ति व हिन्दी व्याख्या सहित)
Spanda Karika with Spanda Vritti & Hindi Commentary
by महर्षि वसुगुप्त / भट्ट कल्लट
Source: मोतीलाल बनारसीदास · मोतीलाल बनारसीदास · 1950 (origin)
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Read in contextपरिशिष्ट-II १७५
स्वरूप-साक्षात्कार ७०
स्वलक्षणाभास ३५, १४१
स्वस्वरूपनिष्ठ ७०
स्वस्वरूपभूत ६९, १४४, १५५
सामान्य-स्पन्दात्मकता ६९, १४४, १५५
स्वातन्त्र्य ५६, ५८, ५९, ६०
स्वातन्त्र्य-शक्ति १६, १७, १९, २०, २१,
४६, ५१, ५४, ५६, ५७, ६५, ९९
१५३
स्वात्म-विस्मृतिरूप-अख्याति ५५
स्वात्म-संकोच ६५
ह
हृदय १६, १७, ६५
क्ष
क्षण ९८
क्षणपर्यवसायी ३२
क्षणिक-विज्ञान ३५
क्षोभ ५४, ५५, ६०, ६१, ६३, ६६, १३८,
१५०
ज्ञ
ज्ञाता ६४
ज्ञातृता ५६, ६३, ६४, ७५
ज्ञातृत्व २२, २८, ६७,
ज्ञान ४१, ५६, ५८, ६४, ७४, ७५, ८५
ज्ञानेन्द्रियाँ ४६, ४८, ९७
ज्ञान-क्रियात्मक-चैतन्य २९, ७४, ७८
ज्ञान-क्रियात्मक-प्रमातृसत्ता ७७
ज्ञान-क्रियामयी-सत्ता १९
ज्ञानक्रियारूप-वेदकता ७४
ज्ञान-शक्ति २०, ४३, ५५, ५५, ९६
ज्ञान-सन्तान ३५
ज्ञान-क्षण ३५, ४०
ज्ञान-ज्ञेयरूपा-शक्ति ७८
ज्ञेय ७५, ९०
ज्ञेयरूप ३२, ९०, ९१