सिंहासन बत्तीसी (द्वात्रिंशत्पुत्तलिका)

सिंहासन बत्तीसी (द्वात्रिंशत्पुत्तलिका)
by पारम्परिक / लल्लू जी लाल
Source: सिंहासन बत्तीसी (द्वात्रिंशत्पुत्तलिका) · बृजवल्लभ हरिप्रसाद जी · 1920 (origin)
DevanagariHindipublished190 pages
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श्री ।
सिंहासनबत्तीसी
बत्तीस पुतलियोंद्वारा महाराजा विक्रमका
यश राजा भोजप्रति सुमधुर
वार्त्ताओंमें वर्णित है.
वही
अत्यंत शुद्धतापूर्वक
ब्रजवल्लभ हरिप्रसादजीने
नेटिव ओपिनियन प्रेसमें छपवाके
प्रसिद्ध किया.
सन १९२० सवत १९७६