शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)
Shukra Niti of Shukracharya Hindi
by महर्षि शुक्राचार्य
Source: Shukra Niti with Vidyodini Sanskrit-Hindi Commentary (origin)
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Read in contextचतुर्थाध्याये राजधर्मनिरूपणप्रकरणम् २८१
विचित्रिताङ्गः स्रग्वी च परिधानविधूनकः ॥ ७८ ॥
शिरःप्रच्छादकश्चैव छिद्रान्वेषणतत्परः ।
आसङ्गी मुक्तकेशश्च घ्राणकर्णाक्षिदर्शकः ॥ ७९ ॥
दन्तोल्लेखनकश्चैव कर्णनासाविशोधकः ।
राज्ञः समीपे पञ्चाशच्छलान्येतानि सन्ति हि ॥ ८० ॥
पञ्चाशत् (५०) छलों का वर्णन— १. मार्ग को नष्ट करनेवाला, २. दूसरे का अपमान करनेवाला, ३. प्राकार (चहार-दीवारी) का लांघनेवाला ४. पीने के लिये बने हुये जलाशय को नष्ट या दूषित करनेवाला, ५. रहने के लिये बने हुये स्थान को नष्ट या दूषित करनेवाला, ६. परिखा (खाई) को पाटनेवाला, ७. राजा के दोषों को प्रकाशित करनेवाला, ८. बिना आज्ञा लिये अन्तःपुर (जनानखाने) में घुस जानेवाला, ९. बिना आज्ञा के वासगृह (रहने का स्थान), १०. भाण्डगृह (खजाना), ११. या महानस (रसोई गृह) में घुसनेवाला, १२. भोजन करते समय खानेवाले को एकटक देखनेवाला, १३. जानबूझ कर मल, १४. मूत्र, १५. कफ १६. अधोवायु का त्याग करनेवाला, १७. राजा के आगे वीरासन बांधकर घमण्ड से बैठनेवाला, १८. राजा के बैठने के आगे के स्थान को छेकनेवाला, १९. राजा से अधिक वेष-भूषा धारण किये हुये राजा के सामने उपस्थित होनेवाला, २१. किसी के गृह में प्रधान द्वार को छोड़कर अन्य मार्ग से प्रवेश करनेवाला, २२. असमय में किसी के घर में जानेवाला, २३. बिना अनुमति के किसी की शय्या पर शयन करनेवाला २४. आसन पर बैठनेवाला, २५. या खड़ाऊं अथवा जूता पहननेवाला, २६. राजा के सोने के समय शय्या पर पहुँच जाने पर भी उनके समीप ठहरनेवाला, २७. राजा के शत्रु की भी सेवा करनेवाला, २८. बिना अनुमति के किसी के गृह में ठहर जानेवाला, २९. बिना अनुमति के किसी के वस्त्र, ३०. आभूषण, ३१. या स्वर्ण का धारण करनेवाला, ३२. जबरदस्ती दूसरे के पान को लेकर खानेवाला, ३३. भाषण के लिये नियुक्त न किये जाने पर भी भाषण करनेवाला, ३४. राजा की निन्दा करनेवाला, ३५. राजा के समीप में केवल एक वस्त्र पहननेवाला, ३६. तेल लगाकर जानेवाला, ३७. केश खोल कर जानेवाला, ३८. मुख ढँक कर जानेवाला, ३९. विचित्र ढङ्ग से अङ्गों को बनाकर जानेवाला, ४०. माला पहनकर जानेवाला, ४१. पहिने हुये वस्त्र को हिलानेवाला, ४२. सिर को ढँकनेवाला, ४३. दूसरे के छिद्रों को ढूंढ़नेवाला, ४४. मद्यपानादि व्यसन करनेवाला, ४५. वेश-भूषादि का त्याग करनेवाला, ४६. अपनी नाक, ४७. कान, ४८. या आंख को विशेष रूप से दिखानेवाला, ४९. दांत को कुरेदनेवाला,