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सौन्दर्यलहरी (जगद्गुरु आदि शंकराचार्य - आनन्दलहरी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

सौन्दर्यलहरी (जगद्गुरु आदि शंकराचार्य - आनन्दलहरी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

Saundaryalahari of Adi Shankaracharya with Hindi Commentary

by जगद्गुरु आदि शंकराचार्य

DevanagariHindipublished415 pages

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सांकेतिक चिन्ह
गी, गीता = श्री मद्भगवत् गीता
यो० द० = योगदर्शन
बृ०, बृह० = बृहदारण्यक उपनिषद्
क, कठ० = कठोपनिषद्
प्र०, प्रश्न० = प्रश्नोपनिषद्
दु० स० = दुर्गा सप्तशती
मु० = मुण्डकोपनिषद्
छा० = छान्दोग्य उपनिषद्
ऐत० = ऐतरेय उपनिषद्
श्वे० = श्वेताश्वतर उपनिषद्
ब्र०, ब्र०सू० = ब्रह्म सूत्र
ऐ० आ० = ऐत्तरीय अरण्यक
यो० शि० = योग शिखोपनिषद्
शा० ति० = शारदा तिलक
ऋक् = ऋग्वेद
तै० = तैत्तिरीयोपनिषद्
ना० = नारायणोपनिषद्
ल० स० = ललिता सहस्रनाम
सौं० ल० = सौन्दर्य लहरी