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सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)

Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)

by राजीव दीक्षित

Source: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (origin)

DevanagariHindipublished80 pages

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दूध में हल्दी की गाँठ भिगोकर फूलने दें। फूल जाए तो इसे बारीक पीस लें और सरसों का तेल और मैदा मिलाकर गाढ़ा लेप बनाएं। इसे स्नान के समय चेहरे तथा शरीर पर लगाने से त्वचा साफ, चिकनी और कान्तिमान होती है।

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पिंडखजूर को पानी में अच्छी तरह पकाकर मसलकर छान लें। अब इस छने हुए रस को पुनः धीमी आँच पर इतना पकाएं कि यह जमने लायक हो जाए। इसे सुरक्षित पात्र में रख लें। इसमें कूठ व नमक मिलाकर या अकेले ही चेहरे पर लेप करने से चेहरे की चमक बढ़ जाती है, दाग आदि मिटते हैं।

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दूध की मलाई में थोड़ी हल्दी मिलाकर नित्य रात को चेहरे पर लगाकर मलें तथा आधा एक घण्टे बाद मसलकर छुड़ा दें व धो डालें। कुछ दिनों में चेहरा कान्तिमान हो उठेगा।

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दही, बेसन, गुलाबजल, पिंसी हल्दी, संतरे के छिलकों का चूर्ण— सभी समान मात्रा में मिलाकर फेंटकर लेप बनाएं तथा चेहरे पर लगाकर सूखने दें। पश्चात् चेहरा धोकर साफ तौलिए से पांछ दें। एक—दो माह में चेहरे के सभी दाग—धब्बे मिटकर चेहरा कान्तिमान होने लगेगा।

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कच्चे आलू का रस चेहरे पर मलने से चेहरे की त्वचा स्वस्थ, चमकदार बनती है।

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नित्य तुरंत दुहे गए दूध का झाग चेहरे पर मलकर आधा घण्टा बाद गुनगुने पानी से धो दें। चेहरे की चमक बढ़ने लगेगी।

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बादाम की गिरी— 5 तोला, सफेद चंदन— 1 तोला, गुलाब के फूल— 1 तोला, कपूर— 4 ग्राम, केशर— 2 ग्राम, कस्तूरी— 200 मि.ग्राम लेकर इन सबका महीन चूर्ण बनाकर एक में मिलाकर रख लें। इसमें से 4 ग्राम चूर्ण को पानी में गाढ़ा लेप बनाकर मुख पर मलें तथा सूख जाने पर पानी से धो दें। कुछ दिनों में चेहरा चमक उठेगा।

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गुलाबजल में 5 तोला बादाम की मिगी महीन पीसकर इसमें इत्र गुलाब, इत्र हिना, इत्र केवड़ा तथा चंदन का तेल—चारों आधा—आधा तोला तथा 120 मि.ग्रा. रसकपूर पिंसा हुआ मिलाकर खरल में एकरस कर लें। चेहरा साफ करके यह लेप मलने से कुछ दिनों में चेहरा दमक उठता है।

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नीम की छाल, बकाइन की छाल, सूखा धनिया, सफेद चंदन, खिल्ला चना, मुरदारश्वंग, सफेद काशगिरी ; सब समभाग लेकर कूट पीसकर कपड़छन चूर्ण बना लें तथा गाय के दूध में गाढ़ा घोंटकर चौड़े मेंह की शीशी में रख लें।

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