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श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी (परिशिष्टसहित)

श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी (परिशिष्टसहित)

Shrimad Bhagavad Gita Sadhak Sanjeevani

by स्वामी रामसुखदास

Source: संवर्धित नब्बेवाँ संस्करण (90th Edition), गीता प्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस, गोरखपुर · 2008 (origin)

DevanagariHindipublished1,299 pages

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॥ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॥

नब्बेवाँ संस्करणका नम्र निवेदन

साधक महानुभावोंकी सेवामें 'साधक-संजीवनी' का संवर्धित नब्बेवाँ संस्करण प्रस्तुत करते हुए हमें अपार हर्ष हो रहा है! इस ग्रन्थके अन्तमें एक नया विषय—'साधक-संजीवनी-कोश' को सम्मिलित किया गया है। इस कोशका कार्य परमश्रद्धेय श्रीस्वामीजी महाराजकी इच्छासे उनके सशरीर विद्यमान रहते ही आरम्भ हो चुका था। इस कोशको सम्मिलित करनेसे ग्रन्थकी उपयोगितामें और अधिक वृद्धि हो गयी है।

आशा है कि पाठकगण 'साधक-संजीवनी'के इस संवर्धित संस्करणसे अधिक लाभान्वित होंगे और इस ग्रन्थमें आये हुए विभिन्न विषयोंका और अधिक गहराईसे अध्ययन-मनन कर सकेंगे।

—प्रकाशक