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ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

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DevanagariSanskritpublished1,855 pages

Page 1520 of 1855

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Page 1520

आदीमायन्वरमा वावशाना जुष्टं पतिं कलशे गाव इन्दुम्.. (२२)
जब अभिलाषा करने वाले स्तोता का वचन इसका संस्कार करता है और योगक्षेम
संबंधी देहाती के मुख में स्थित वाणी राजा की स्तुति करती है, तब वरण करने योग्य, देवों के
नशे के लिए पर्याप्त, सबके पालक एवं कलश में स्थित सोम की अभिलाषा करती हुई गाएं
इसके पास आती हैं. (२२)
प्र दानुदो दिव्यो दानुपिन्व ऋतमृताय पवते सुमेधा:.
धर्मा भुवद्वृजन्यस्य राजा प्र रश्मिभिर्दशभिर्भारि भूम.. (२३)
द्युलोक में उत्पन्न, दाताओं को धन देने वाले, दाताओं की अभिलाषा करने वाले एवं
शोभन बुद्धिसंपन्न सोम सच्चे इंद्र के लिए रस टपकाते हैं. राजा सोम बल धारण करने वाले
हैं. दस उंगलियां अधिक मात्रा में सोम को धारण करती हैं. (२३)
पवित्रैभि: पवमानो नृचक्षा राजा देवानामुत मर्त्यानाम्.
द्विता भुवद्रयिपती रयीणामृतं भरत्सुभृतं चार्विन्दु:.. (२४)
दशापवित्रों द्वारा शुद्ध होते हुए, मनुष्यों को देखने वाले, मनुष्यों एवं देवों के राजा, धन
के पालक व असीम धन के स्वामी सोम देवों और मानवों दोनों में कल्याणकारी एवं शोभन
जल धारण करते हैं. (२४)
अर्वाँ इव श्रवसे सातिमच्छेन्द्रस्य वायोरभि वीतिमर्ष.
स न: सहस्रा बृहतीरिषो दा भवा सोम द्रविणोवित्पुनान:.. (२५)
हे सोम! तुम हमारे धनलाभ तथा इंद्र व वायु के पीने के लिए घोड़े के समान जल्दी
आओ एवं हमें अनेक प्रकार के अधिक अन्न दो. हे शुद्ध होते हुए सोम! तुम हमें धन देने वाले
बनो. (२५)
देवाव्यो न: परिषिच्यमाना: क्षयं सुवीरं धन्वन्तु सोमा:.
आयज्यव: सुमतिं विश्ववारा होतारो न दिवियजो मन्द्रतमा:.. (२६)
देवों को तृप्त करने वाले व सब ओर से पात्रों में गिरते हुए सोम हमें शोभन पुत्र से युक्त
घर प्रदान करें. अभिमुख यज्ञ करने योग्य, सबके वरणीय, होताओं के समान इंद्र आदि का
यज्ञ करने वाले एवं अत्यंत नशीले सोम हमारे सामने आवें. (२६)
एवा देव देवताते पवस्व महे सोम प्सरसे देवपान:.
महश्चिद्धि ष्मसि हिता: समर्ये कृधि सुष्ठाने रोदसी पुनान:.. (२७)
हे दीप्तिशाली एवं देवों के पीने योग्य सोम! तुम देवों द्वारा विस्तार वाले यज्ञ में देवों के
महान् मदपान के लिए टपको. हम तुम्हारे द्वारा प्रेरित होकर युद्ध में महान् शत्रुओं को भी
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