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रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

by रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री)

Source: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (origin)

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DevanagariHindipublished362 pages

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प्रथमोऽध्यायः । | ३१


रसपुष्पं रससुमं कुसुमो रसपूर्वकम् ।
मतं निरूच्यते कैश्चित्सुधानिर्झरसाह्वया ॥

विशेष के लिये पृष्ठ नं. ३९ से ४८ तक रस्तरङ्गिणी पढें ।

( ४ ) पारद का चौथा खनिज प्राकृतिक पारद ( Native Mercury.) है ।
यह बहुत अल्पमात्रा में प्राप्त होता है । कभी कभी इसके कण खनिज हिङ्गुल के साथ बिखरे हुए पाये जाते हैं । यह पारद प्राप्ति का गौण खनिज समझा जाता है तथा इटली और स्पेन की खानों में यह मिलता है ।

( ५ ) पारद रजत मिश्रक (Silver Amalgam. )
यह पारद का खनिज प्रकृति में पारद और रजत के भिन्न भिन्न परिणाम में बना पाया जाता है । यह अधिकतर चीनी ( Chile ) देश की खानों में पाया जाता है । इन खानों के अतिरिक्त जर्मनी स्पेन और यूनाईटेड स्टेट्स की खानों में भी पाया जाता है । यह पर्पटी जैसा है ।

( ६ ) टेट्राहीड्राइट या मर्क्युरियल फेहलोर ( Tetrahedrite or Mercurial Fahlore. )
इस खनिज में से भी व्यापार के योग्य पारद निकल सकता है किन्तु यह वास्तव में ताम्र का ही खनिज है और बहुत अल्प मात्रा में पाया जाता है । जर्मनी के बोसनिया ( Bosnia ) और पेलेटिनेट ( Palatinate ) नामक स्थानों में ही विशेषतः मिलता है ।

परीक्षा

ऊपर लिखे हुए किसी भी खनिज को पारद के लिये परीक्षा कर सकते हैं । एक कांच की परीक्षा नलिका ( Tastube ) में उक्त पारदीय खनिजों में से कोई भी (जिसकी परीक्षा करनी हो) पारद खनिज का चूर्ण तथा चूना या खाने का सोडा भर कर स्पिरिट लेम्प पर तपाने से नलिका के शीतल प्रदेश में पारद के कण जमे हुए नजर आवेंगे । यदि पारद का खनिज पारद और गन्धक का यौगिक ( हिङ्गुल ) हुवा तो नलिका के शीतल प्रदेश में लाल हिङ्गुल और पारद दोनों दिखाई देंगे तथा जलते हुए गन्धक की तीव्र गन्ध भी प्रतीत होगी ।

पारद प्राप्ति के कुछ गौण खनिज

उक्त खनिजों के अतिरिक्त अल्पमात्रा में प्राप्त होने वाले कुछ पारदीय खनिज ऐसे भी हैं जो किसी स्थान विशेष में ही प्राप्त होते हैं और उन से भी पारद निकाला जा सकता है ।

उनके निम्न नाम हैं ।

( १ ) लिविङ्गस्टोनाइट ( Livingstoneite 2 Sb₂ S₃ Hg S )