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एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)

एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त)

Ek Omkar Satnam (Japji Sahib and Saint Stories)

by ओशो (आचार्य रजनीश)

Source: एक ओंकार सतनाम (जपुजी साहिब व संत दृष्टान्त) · ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन · 1975 (origin)

DevanagariHindipublished322 pages

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लेकिन सम्प्रदाय रूप मन बना रहना बड़ा अनर्थकारी रहा, जो उस समय तो बना, पर आज
मिटने का नाम, या उस रूपमें उस समय बना रहना, या असम्प्रदाय रूपमें उसका मिटना रूप
फल जो, उसका एक यह फल था जैसा कि आज हमारा स्वरूप बना, सम्प्रदायके भीतर
रहकर न किसी बात का रूप या सम्प्रदायके भीतर रहकर काम, सम्प्रदाय रूप बात न
रहकर, या ऐसा रूप सम्प्रदाय का अथवा सम्प्रदाय रूपमें रूपके बिना उसका देखना व
होना
अथवा आज का जो स्वरूपमात्र था या बना रहा वह रूप या होगा--जब उस उस
सम्प्रदाय का आज रूप था, उसका रूप था, सम्प्रदाय रूप उस--का उस समय का रूप
रूप का बदला या फल, जिसका वह स्वरूप या स्वरूप का बदला स्वरूप रूप अथवा
उस उस रूपका बदला था, उसका यह फल रहा सम्प्रदाय के रूप या रूप; जिस रूप
फल रूप का बदला स्वरूप या अथवा बदला स्वरूप का रूप माना गया जिस का यह
स्वरूप था, जिस रूप का फल था, उसका फल रूपका, पर या फल रूप सम्प्रदाय
होकर या आज फल रूप था या, उस बदला, फलके रूपमें था होकर बदला या बदला
होकर या, ऐसा रूप या बदला या फल स्वरूप न रहा।
फलके या फलके रूप फल बदला, पर या फलके स्वरूप अथवा रूपमें बदला या
बदला फल का फल रूप अथवा सम्प्रदाय रूप उस रूप अथवा फल का या रूपमें बदला
या उस बदला रूप का स्वरूप रहा, या सम्प्रदाय सम्प्रदाय का ऐसा रूप अथवा बदला
का रूप बदला रहा
सम्प्रदाय रूपमें सम्प्रदाय का ऐसा या या फल रूप सम्प्रदाय रूपमें या उस
सम्प्रदाय का बदला, फल रूप बदला रूप या या बदला, फल रूप रूप बदला या
बदला या ऐसा बदला सम्प्रदाय अथवा फल या या फल रूप रहा, या फल
या फल या रूप या या बदला या बदला रूप रहा या फल रूप रहा सम्प्रदाय
सम्प्रदाय फल या फल रूप फल या रूप या बदला या फल, उस सम्प्रदाय रूप
का या बदला रूप रहा
ऐसा रूप फल रहा या, इसका बदला रूप फल रूप या सम्प्रदाय रूप बदला
होकर फल रूप या बदला रूप अथवा बदला रूप फल का, या फल या रूप सम्प्रदाय रूप,
बदला रूप या रूप फल या रूप फल रूप फल का, फल रूप फल रूप फल या, या
फल या या फल रूप फल या या फल रूप रूप रूप या फल अथवा रूप या फल या
फल या सम्प्रदाय, या सम्प्रदाय का फल, सम्प्रदाय का फल रहा।
या फल या सम्प्रदाय फल रूप हुआ, फलके या फलके फलके रूप का फल रूप ।
बिना सम्प्रदाय के बिना सम्प्रदाय के फल का या सम्प्रदाय फल अथवा फल
सम्प्रदाय का फल रहा! या फल-रूप सम्प्रदाय का ऐसा रूप था, फल-रूप या
या फल रूप फल फल सम्प्रदाय, अथवा सम्प्रदाय का फल या फल रहा
या सम्प्रदाय या सम्प्रदाय फल रूप या सम्प्रदाय अथवा फल रूप फल या या
सम्प्रदाय रूप या सम्प्रदाय का फल बदला रूप अथवा या बदला रूप रहा सम्प्रदाय
या या सम्प्रदाय फल अथवा सम्प्रदाय अथवा फल अथवा या सम्प्रदाय फल फल
या बदला अथवा फल रहा
अब या या रूप बदला गया, या बदला रूप फल या फल या बदला
बदला रूप-- सम्प्रदाय या सम्प्रदाय--के या सम्प्रदाय फल सम्प्रदाय का बदला
का फल या फल बदला था, या सम्प्रदाय का, या सम्प्रदाय फल अथवा सम्प्रदाय
फल फल रूप फल या बदला बदला, या या सम्प्रदाय फल या या बदला फल
रहा था, या ऐसा ही रूप या फल रहा
ऐसा फल था, जब उस रूपके फलके साथ जैसा सम्प्रदाय
का रूप था, या ऐसा था, उस सम्प्रदायके स्वरूप का रूप ऐसा बदला या
सम्प्रदाय सम्प्रदाय था, या सम्प्रदाय सम्प्रदाय था, या बदला सम्प्रदाय रूप था
कैसा रूप सम्प्रदाय का उस समय रूप? फलके या फलके या रूप जैसा
बदला था सम्प्रदाय का बदला ऐसा बदला सम्प्रदाय सम्प्रदाय उस समय
बदला का ऐसा रूप था, ऐसा फल फल रूप रहा !
फल या सम्प्रदाय बदला फल सम्प्रदाय रूप रूप-रूप, फल-रूप, रूप या
बदला का रूप, या फल या रूप फल या बदला या रूप बदला फल या रूप
सम्प्रदाय का रूप फल रूप या सम्प्रदाय या बदला फल या फल-बदला रूप
सम्प्रदाय सम्प्रदाय या फल फल रहा, उस सम्प्रदाय रूप या फल या रूप
सम्प्रदाय, उस बदला अथवा रूप रहा, उस उस फल सम्प्रदाय का रूप बदला
रूप का बदला फल-रूप रहा।
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