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माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation

by माधवकर

Source: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

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DevanagariSanskritpublished404 pages

Page 17 of 404

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Page 17

विषयानुक्रमणिका । ( १५ )
विषय. पृष्ठांक. विषय. पृष्ठांक.
स्राव और पातके लक्षण ३४३ स्थावरविषके सामान्य लक्षण ३५६
गर्भ अकालमें कैसे गिरे इसका निदानपूर्वक दृष्टान्त ,, विष देनेवालेके ढूँढनेके निमित्त लक्षण ,,
प्रसूत होते समय मूढगर्भ होनेका लक्षण ,, मूलादिविषोंके लक्षण ३५७
मूढ गर्भकी आठ प्रकारकी गति ३४४ विषलिप्तशस्त्रहतके लक्षण ,,
असाध्य मूढगर्भ और गर्भिणीके लक्षण ,, सर्पविष यह अति तीक्ष्ण है इसीसे प्रथम
मृतगर्भके लक्षण ३४५ सर्पोंकी जाति कथन ,,
गर्भमरण हेतु ,, सर्पोंके भेद ३५९
गर्भिणीके दूसरे असाध्य लक्षण ,, भोगीसर्पके काटनेपर वातादिकोंके लक्षण ,,
सूतिकारोगनिदानम् । विशिष्टदेशमें तथा विशिष्ट नक्षत्रमें काटनेके
प्रसूतिरोगकी उत्पत्ति, असाध्य लक्षण ३४६ असाध्य लक्षण ३६०
स्तनरोगनिदानम् । गर्मी होनेसे विषके जोरका लक्षण ,,
स्तन्य ( दूध ) के रोग ३४७ दूसरे असाध्य लक्षण ,,
वातादिकसे दूषित दूधके लक्षण ,, दूषितविषके लक्षण, तूषीविषके लक्षण ३६१
शुद्धदूधके लक्षण ३४८ स्थान भेदकरके उसके विशिष्ट लक्षण ३६२
बालरोगनिदानम् । दूषीविषकी निरुक्ति ,,
वातदूषित दूधके ( रोग ) ३४९ इन दोनों विषोंके लक्षण ३६३
पित्तदूषित दूधके रोग ,, दूषीविषके साध्यादि लक्षण ,,
कफदूषित दूधके रोग ,, लूताविषकी उत्पत्ति ,,
बालकोंकी अन्तर्गत पीडा जाननेका उपाय ,, उनके काटनेके सामान्य लक्षण ३६४
द्वन्द्वज और सन्निपातज दूषित दुग्धके रोग ३५० दूषीविष लूताके काटनेके लक्षण ,,
कुक्कूणकके लक्षण ,, प्राणहरलूताके लक्षण ,,
पारिगर्भिकके लक्षण ३५१ दूषीविषआखुके लक्षण ,,
तालुकण्टक लक्षण ,, प्राणहरमूषकविषके लक्षण ३६५
महापद्मविसर्पके लक्षण ,, कृकलास ( सरट ) के काटेके लक्षण ,,
और विकार जो बालकोंके होत उनका लक्षण ,, वृश्चिकविषके लक्षण ,,
सामान्यग्रहजुष्टके लक्षण ३५२ वृश्चिकविषके असाध्य लक्षण ३६६
स्कन्दग्रहगृहीत बालकके लक्षण ,, कणभदष्टके लक्षण ,,
स्कन्दापस्मारके लक्षण ३५३ उच्चिटिंगर ( झींगर ) विषके लक्षण ,,
शकुनिग्रहके लक्षण ,, मण्डूक ( मेढक ) के विषके लक्षण ,,
रेवतीग्रहके लक्षण ,, विषैले मत्स्य ( मछली ) के विषके लक्षण ३६७
पूतनाग्रहके लक्षण ,, सविषजलौका ( जोंक ) के विषके लक्षण ,,
अन्धपूतनाग्रहके लक्षण ,, गृहगोधिका ( छिपकली ) के विषके लक्षण ,,
शीतपूतनाग्रहके लक्षण ३५४ शतपदी ( कानखजूरा ) के विषके लक्षण ,,
मुखमण्डिकाग्रहके लक्षण ,, मशक ( मच्छर वा डांस ) के विषके लक्षण ,,
नैगमेय ग्रहके लक्षण ,, असाध्यमशकक्षतके लक्षण ३६८
विषरोगनिदानम् । सविषमक्षिका ( मक्खी ) दंशके लक्षण ,,
विषके स्थान ३५५ चतुष्पादादिकोंके विषके साधारण लक्षण ,,
जंगमविषके सामान्य लक्षण ३५६ विष उतर गया हो उसके लक्षण ,,