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कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

by आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला

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DevanagariSanskritpublished918 pages

Page 889 of 918

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Page 889

पारिभाषिक शब्दावली

८०५

अवधायक अधिकारी—किसी कार्य या कार्यालय का अधिकारी—आफिस इनचार्ज
अवमान—अवज्ञा—कंटेप्ट
अवमूल्यन—किसी सरकार द्वारा अन्य देशों की मुद्राओं की तुलना में अपने देश की मुद्रा का मूल्य घटा दिया जाना—डीवेलुएशन
अवयस्क—नाबालिग (१८ वर्ष से कम)—माइनर
अवर—जूनियर
अवरागार—लोकसभा—लोअर हाउस
अवरुद्ध—नजरबन्द
अवरोधन भत्ता—रूकौनी भत्ता—डिटेंशन अलाउंस
अवशेष—बचा हुआ—बैलेंस ओपनिंग
अवेक्षण—लुक आउट
अवैतनिक—ऑनररी
अवैध—नियमविरुद्ध—इल्लीगल
अवसर ग्रहण—अवसर प्राप्त-रिटायरमेंट
अवस्थान प्रक्रम—ठहरने का स्थान—स्टेशन
अवहार—छूट ( कर )—रिबेट
अव्ययित शेष—किसी काम के लिए निर्धारित या जमा किये हुए धन का वह अंश, जो व्यय न किये जाने के कारण बच गया हो—अनस्पेंट बैलेंस
अशोधित शेष—किसी ऋण आदि का वह बचा हुआ अंश जिसका भुगतान या अदायगी न हुई हो—अनरिडीम्ड बैलेंस
अष्टकुल—आठ सदस्यों की न्यायकारी काउंसिल


असैनिक—सिविल
असैनिकीकरण—किसी स्थान या क्षेत्र को सैन्यविहीन कर देना—डीमिलिटेरिजेशन
अस्थायी संधि—आर्मिस्टिस

आ

आकाशी—एरियल
आक्रय—फेरीवाला—हॉकर
आख्यापक—अनाउंसर
आख्यापना—अनाउंसमेंट
आज्ञप्ति—दीवानी मुकदमे में न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय—डिक्री
आतिथ्य शुल्क—आयात माल पर कर
आतंक युद्ध—प्रचार आदि के द्वारा ऐसा आतंक उत्पन्न कर देना कि जिससे शत्रु का साहस और युद्ध-क्षमता शीण पड़ जाय—वार ऑफ नर्ज
आदेय—वह धन, जो दूसरों से मिलना हो या जो अपनी संपत्ति बेच कर प्राप्त किया जाय—असेट्स
आधि—धरोहर—पॉन
आधिकारिक—सरकारी—ऑफिसियल
आन्वीक्षकी—आत्मविद्या
आपत्सहायकार्य—दुष्काल या बाढ़, भूकंप आदि के संकट-काल में, आर्त तथा असहाय जनता की सहायता के लिए आरंभ किया गया सार्वजनिक निर्माण कार्य—रिलीफ वर्क
आपात—आकस्मिक संकट—इमरजेंसी
आपृच्छा—रेफरेंडम
आबकारी—एक्साइज
आभारोक्ति—एक्नॉलेजमेंट
आयकर—इनकम टैक्स