कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)
Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola
by आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला
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अध्यादेश—विशेष स्थिति में लागू किया गया आदेश—आर्डिनेंस
अध्यारोप—इम्यूटेशन
अनय—दुष्टनीति
अनर्हता—अयोग्यता—डिस्क्वालिफिकेशन
अनारूढ—पैदल—डिस्माउण्टेड
अनावर्त्तक—जो (अनुदान) एक ही बार दिया जाय—नाॅन-रेकरिंग
अनावर्ती—फिर न लौटनेवाला—एपीरिओडिक
अनीकस्थ—निपुण हस्तिशिक्षक
अनीकिनी—सेना का सबसे बड़ा भाग, जिसमें १०-१५ हजार सैनिक हों—डिवीजन
अनुग्रह—राजा के द्वारा प्रजा को प्रदत्त उपकार
अनुग्रह परिहार—आर्थिक रियायतें
अनुग्रहधन—सेवा का उपहार—ग्रेचुइटी
अनुच्छेद—संविदा आदि का वह विशिष्ट अंश, जिसमें एक विषय और उसके प्रतिबंधों आदि का उल्लेख हो—पैराग्राफ
अनुज्ञप्ति—अनुज्ञापत्र—लाइसेंस
अनुज्ञाधारी—लाइसेंसदार
अनुदेश—हिदायत—इंस्ट्रक्शन
अनुपूरक—छूट या कमी को पूरा करने के लिए बाद में बढ़ाया हुआ—सप्लिमेंटरी
अनुबन्ध—बंधन—क्राँन्ट्रक्ट
अनुबन्ध पत्र—करारनामा—इंडेंचर
अनुबल—पृष्ठरक्षक सेना—रेयरगार्ड
अनुभाजन—ऐपोर्शन
अनुरक्षक—एस्कॉर्ट
अनुवेशपत्र—परीक्षित पारपत्र—वीजा
अनुशय—क्रय-विक्रय-संबंधी विवाद
अनूप—जलमय प्रदेश
अनैतिक—इम्मोरल
अनौपचारिक —इनफारमल
अन्तपाल—सीमान्त अधिकारी
अन्तर्वेशिक—अन्तःपुर का प्रमुख अधिकारी
अन्तर्धि—शत्रु तथा विजिगीषु के बीच का राज्य
अपचारक—दूसरे की सीमा में अनधिकार प्रवेश—ट्रेसपासर
अपर न्यायाधीश —अतिरिक्त न्यायाधीश—एडीशनल जज
अपर सचिव—अतिरिक्त सचिव—एडिशनॅल सेक्रेटरी
अपराधी—दोषी—गिल्टी
अपरिदेय—जिसकी अदला-बदली न की जा सके—नाॅन-ट्रांसफरेबल
अपलाभ—अनुचित लाभ—प्रोफिटियरिङ्ग
अपहार—प्राप्त आय को खाते में न चढ़ाना निर्धारित धन का व्यय न करना और बचत धन का अपव्यय करना
अपेक्षाभूमि—परती भूमि—फालोलैंड
अप्रतिभाव्य—वह अपराध, जिसमें किसी के जामिन बनने या जमानत देने को तैयार होने पर भी अपराधी को अस्थायी रूप से रिहा कर देने की गुञ्जायश न हो—नाॅन-बेलेबिल
अप्रत्यक्षकर—जो कर विक्रेय वस्तुओं की बढ़ी हुई कीमत के रूप में उप भोक्ताओं से लिया जाता है—इण्डाइरेक्ट टैक्स
अप्रत्यादेय—जो फिर प्राप्त या वसूल न किया जा सके—इर्रिकव्हरेबिल