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कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

by आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला

DevanagariSanskritpublished918 pages

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प्रकरण १३# अवरुद्धवृत्तम्, अवरुद्धे च वृत्तिः
अध्याय १७

(१) राजपुत्रः कृच्छ्रवृत्तिरसद्दशे कर्मणि नियुक्तः पितरमनुवर्तेत, अन्यत्र प्राणाबाधकप्रकृतिकोपपातकेभ्यः । पुण्यकर्मणि नियुक्तः पुरुषमधिष्ठातारं याचेत । पुरुषाधिष्ठितश्च सविशेषमादेशमनुतिष्ठेत् । अभिरूपं च कर्मफलमौपायनिकं च लाभं पितुरूपनाययेत् ।

(२) तथाऽप्यतुष्यन्तमन्यस्मिन् पुत्रे दारेषु वा स्निह्यन्तमरण्याय आपृच्छेत् । बन्धवधभयाद् वा यः सामन्तो न्यायवृत्तिर्धार्मिकः सत्यवागविसंवादकः प्रतिग्रहीता मानयिता चाभिपन्नानां तमाश्रयेत । तत्रस्थः कोशदण्डसम्पन्नः प्रवीरपुरुषकन्यासम्बन्धमटवीसम्बन्धं कृत्यपक्षोपग्रहं वा कुर्यात् ।


नजरबन्द राजकुमार और राजा का पारस्परिक व्यवहार

नजरबन्द राजकुमार का व्यवहार

(१) अपनी हैसियत से निम्न कार्य पर नियुक्त एवं कठिनाई से जीवन-यापन करने वाले राजपुत्र को चाहिए कि अपने पिता के आदेशों का वह पूर्णतः पालन करे । परन्तु किसी कार्य को करने में यदि प्राणभय, अमात्य आदि प्रकृतियों के कुपित होने का भय अथवा पातकभय हो तो राजपुत्र को चाहिए कि वह पिता के आदेशों का कदापि पालन न करे । किसी पुण्यकार्य में नियुक्त राजपुत्र अपने लिए एक संरक्षक ( अधिष्ठाता ) की माँग करे और उसके निर्देशानुसार वह राजा की आज्ञाओं का पालन करे । कार्य के अनुसार उसको जो कुछ फल प्राप्त हो और प्रजाजनों से उसको जो कुछ भी उपहार मिलें, उनको वह पिता के पास भिजवा दे ।

(२) इस पर भी यदि राजा संतुष्ट न हो और दूसरे पुत्रों तथा स्त्रियों के साथ विशेष स्नेह-प्रेम प्रदर्शित करता रहे तो राजपुत्र को चाहिए कि वह अपने पिता की आज्ञा लेकर तपस्या आदि करने के लिए जंगल में चला जाय । अथवा ऐसा करने पर यदि उसको गिरफ्तार होने या मारे जाने का भय हो तो वह ऐसे राजा की शरण में चला जाय, जो न्यायपरायण, धार्मिक, सत्यवादी, धोखा न देनेवाला, शरणागत की रक्षा करनेवाला और आश्रय में आये हुए व्यक्ति का स्वागत-सत्कार करनेवाला हो । वहाँ रहकर वह धन-बल से संपन्न होकर किसी वीर पुरुष की कन्या से विवाह कर ले और तब अपने पिता के आटविक लोगों से मित्रता कर वहाँ के कृत्यपक्ष को अपने साथ मिलाने का यत्न करे ।