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कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८)

कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८)

Kathasaritsagara Part 2 (Lambaka 6–18)

by महाकवि सोमदेव भट्ट

Source: कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८) · बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना · 1961 (origin)

DevanagariHindipublished1,079 pages

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Page 506

प्रथम काण्ड ४१९
(नोट: इस पृष्ठ का मूल पाठ अत्यधिक धुंधला/खंडित (heavily degraded/pixelated) होने के कारण केवल शीर्ष भाग “प्रथम काण्ड ४१९” के अतिरिक्त शेष पंक्तियों के अक्षर स्पष्ट रूप से पठनीय नहीं हैं।)