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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

Page 795 of 1367

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रोजतुस्सफाके प्रथम भागमें लिखा है कि, जो पहले अलियास था बही फिर अदरीस होगया ।

३९-शेख फरीदुद्दीन अत्तार

हज़ार बार खमों कूजः करदः अन्द मरा ।

हनोज तलख निज़ाजम मर्ग शीरो जे कार ॥

अर्थात् सहस्त्र बार मुझको सुराही तथा प्याला बनाया है तो भी अभी तक मेरा स्वभाव कड़वा है मृत्युके मीठे कार्य्यसे तात्पर्य आवागमन है ।

४०-मीसाक अर्थात् प्रतिमाके विषयमें जो पहले मैं लिख आया हूँ कि, खुदाने जब हजरत आदमको उत्पन्न किया उस समय जादमाकी सब सन्तानोंको उसकी पीठसे निकालकर प्रतिज्ञा ली उनके हाथमें एक काला पत्थर दिया । इससे प्रमाणित हो चुका है कि, हजरत आदमको उत्पत्तिके समय वह काला पत्थर था ।

इब्र अम्बास—कहता था कि, फरमाया रसूलल्लाहने कि, जब उत्तरा हजतुल-आसूद भिहिश्तसे, तब उस समय वह दूधसे भी अधिक श्वेत था । पर मनुष्योंके पापने उसको काला बना दिया ।

संग आसूदका काला होना—रसूलल्लाहने फरमाया कि, वह पत्थर श्वेत था दूधसे भी अधिक । यह बात नहीं जान पड़ती कि, वह पत्थर कब श्वेत था । क्योंकि वह तो हजरत आदमके उत्पत्ति कालसे काला था, कालाही पत्थर खुदाने मनुष्योंको दिया । इससे प्रमाणित हुआ कि, वह पत्थर किसी काल और किसी दूसरी सृष्टिमें जिससे रसूलल्लाह अनभिज्ञ थे दूधसे अधिक श्वेत रहा होगा । परन्तु इस सृष्टि इसके पिता आदमके समयसे तो वह पत्थर कालाही चला आता है । उसके श्वेत होनेका कोई कारण नहीं है । हजरतके इस कथनसे उत्पत्तिके अनेक ढङ्ग और आवागमन प्रमाणित हैं ।

सिद्धिका नाश—बलअम बाऊर जिसका हूदीसमें विवरण है बरन तौरी-तमें भी निम्नलिखित रूपसे वृत्तान्त लिखा है कि, मूसाके पीछे आपका स्थानापन्न ईशू हुआ । वह बनीइसराईलका आचार्य था, खुदाने उसको बरकत देकर कहा था कि, मैं तुझको कनओं देशका राज्य दूंगा । ईशू खुदाके सहायतासे अपने सर्व वैरियोंपर विजय पाता चला आता था । जब बालक शाहसे उसका सामना हुआ तब पूर्वोक्त बालकने बलआम जिसको बलअमबाऊर भी कहते हैं उससे कहा कि, तू मेरे लिये प्रार्थना कर, जिसमें ईशूकी पराजय हो । यद्यपि बलआमने बालकशाहको समझाया कि, इस जातिको खुदाने बरदान दिया है, मैं कैसे उसे