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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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दृष्टान्त - उत्तर अमेरिकामें एक जातिके मनुष्य रहते हैं जिन्हें स्वयं मक्स बोलते हैं। वे नाटे होते हैं, उनका मुख्य भोजन मछली और पशुओंका मांस होता है। वहाँ अधिकतासे बर्फ पड़नेके कारण नाज फल नहीं होता। वे बर्फके मकानमें रहते हैं, जिसको वे साल साल बनाते हैं वह गिर पड़ता है वहाँ छः मास का दिन व छः मासकी रात्रि होती है। वे एक प्रकारकी गाड़ी बनाते हैं जिसमें कुत्ते जोते जाते हैं। बर्फपर वे कुत्ते उस बेपहियेकी गाड़ीको खींचकर ले जाते हैं। बेकुत्ते अपने स्वामीके बड़े आज्ञाकारी होते हैं।

पहले पहल जब अङ्गरेज लोग उस देशमें गये तो उनके लिये उत्तम २ पदार्थ लेगये। खानेके पदार्थ चीनी मिश्री आदिभी लेजाकर उनको दिये उन्होंने उसे मुखमें रखतेही थूक दिया फिर नमकीन पदार्थ दिया गया उसेभी घूणसे मुखमें रखके थूक दिया। फिर मोमबत्ती और तेल दिये उन्होंने उसे बड़े प्रेमसे खाया, उसके बदले वहाँके पदार्थ हड्डी और चमड़ा आदि अंगरेजोंको दिया। इसका आशय यह है कि, उन लोगोंने मिश्री न खाकर तेल आदिको स्वीकार किया। यह सब बातें अभ्यासके ऊपर आधार रखती हैं। देखो मछप मिठाई आदि उत्तम पदार्थोंको छोड़कर मांस मछली और मछादि घृणित पदार्थोंको खाते हैं एवं उसीमें वे खुश रहते हैं।

९९ प्रश्न - इब्राहीमके देव, आपने कहा था कि, इब्राहीमका ईश्वर तीन रूपोंमें देख पड़ा वे फिरिश्ते थे ईश्वर नहीं थे।

उत्तर - यह बात कैसे मानली जावे कि, वे इब्राहीमके खुदा नहीं थे क्योंकि, इब्राहीमने उन्हें पृथ्वीतक झुककर नमस्कार किया था कहा था ऐ मेरे खुदाबन्द! ऐ मेरे खुदा!! देखो तौरैतमें पैदाइशका १८ बाब १ से ३ आयत।

इसाई लोग ऐसा अनुमान करते हैं कि, उन तीनोंमेंसे दो फिरिश्ते थे और १ स्वयम् यवाह था। वे उनका नाम बड़ी प्रतिष्ठासे लेते हैं। सच तो यह है कि, समस्त संसार त्रिदेवकी पूजा करते हैं। तीनों देवोंमें विष्णु सर्वश्रेष्ठ देव है। सबका बादशाह वही विष्णु है ब्रह्मा और शिव उसके मन्त्री हैं।

१०० प्रश्न - कलियुगमें भक्तिसे मुक्ति, आपने कहा था कि, बिना पुण्यकी पूर्णताके किसीकी मुक्ति नहीं होती यदि ऐसाही है तो कलियुगके लोगोंकी मुक्ति होना कठिन हैं क्योंकि, कलियुगी मनुष्योंकी वृत्ति पापकी ओर झुकती है।

उत्तर - इसमें संदेह नहीं कि, भक्तिके बिना मुक्ति नहीं होती। इसी कारण निरञ्जनने कबीर साहबसे बरदान मांग लिया है कि तीनों युगोंमें थोड़े जीवोंकी मुक्ति होगी पर कलियुगमें बहुत जीव लोक जावेंगे यह बात सुनकर