इच्छानुसार संतान
Ichhanusar Santan
by बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta)
Source: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (origin)
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Read in contextखोज के पश्चात् मुझे 'इच्छानुसार सन्तान' पुस्तक मिली।
श्री महेश्वरपाल आर्य इन्जीनियर मुजफ्फरनगर से ३०/६/२००५ को लिखते हैं- 'इच्छानुसार सन्तान' तथा ईश महिमा' पुस्तकें पढ़ीं, अति उत्तम पुस्तकें हैं। इस विषय पर केवल यही पुस्तकें अभी तक उपलब्ध थीं। मुझे बड़ा अफसोस है कि आपकी लिखी पुस्तकें अब पढ़ने को मिलीं जबकि मैं १९५० से पुस्तकें पढ़ता आ रहा हूँ। अब वेद दर्शन पढ़ना शुरू किया है। पुस्तक अति उपयोगी है।
श्री रघुराज सिंह आर्य मन्त्री आर्य समाज गोण्डा अलीगढ़ उ०प्र० से १३/१०/०५ को पत्र द्वारा लिखते हैं। मैंने आपका अधिकांश साहित्य पढ़ा है तथा दूसरों को भी उपलब्ध कराया है। आपके अनुभव सभी के लिये जीवोपयोगी हैं। आपके द्वारा तैयार 'सूर्यगुणी' औषधि ने कई महिलाओं के निराश जीवन को जीवन्त प्रसन्नता प्रदान की है।
आचार्य काशी प्रसाद गुप्ता जी, उपडाकपाल (डी.पै.एम.) डाकघर नौबस्ता लेखनक २२६००३ ता० २/११/२००५ को पत्र द्वारा लिखते हैं- पुत्र प्राप्ति का साथ पुस्तक पढ़कर मैं लेखक श्री वीरेन्द्र गुप्त: से प्रभावित हुआ, इसलिये उपलब्ध सभी पुस्तकें पढ़ने एवं पढ़ाने हेतु भेजने की कृपा करें।
श्रीमती सुमन कादियानी, पत्नी श्री रघुवीर सिंह कादियानी मकान नं०७ सैक्टर एक रोहतक, हरियाणा से १९/१२/२००५ को पत्र द्वारा लिखते हैं- हम नवम्बर में रोज़ (आर्यवन) गये थे, वहाँ
इच्छानुसार सन्तान
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वीरेन्द्र गुप्त:
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