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इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

by बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta)

Source: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (origin)

Devanagarihipublished250 pages

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डालकर पकायें जब १ भाग जलकर तीन भाग शेष रह जाय तो उतार कर रख लें, इससे कुल्ले करें दंतों के दर्द आदि पर लाभ करेगा।

५४-पनीर (तुखें हयात) १० ग्राम को १०० ग्राम पानी में रात को कौंच के पात्र में भिगो दें, प्रातः काल मलछान कर हल्का गर्म करके १० ग्राम शुद्ध देशी घी मिलाकर पी लें इसके सेवन से तीन मास तक दंतों में कोई विकार न होगा। और न फोड़ा फुन्सी निकलेगा, पायरिया में भी लाभ देता है। इसे तीन मास का दंतों के लिए बीमा समझिये।

५५-वीर्य शोधक एवं शक्ति वर्धक- बबूल की कच्ची बिना बीज वाली फली, बबूल की कोपलें, बबूल का गोद तीनों को समान मात्रा में लेकर कूट लें सबके समान मिश्री मिला लें ५ ग्राम प्रातः सारय दूध से लें।

५६-नजला जुकाम- मुण्डी, तोमर के बीज, सौंफ २१।, २१। ग्राम एक पाव जल में डालकर पकायें छान कर पीने से नजला नष्ट होता है।

५७-टिकिया चूर, नरकचूर, काली मिर्च, काला नमक संगम मांझा में सबको कूट कर चूर्ण बना लें भोजन के बाद २१। ग्राम ताजे जल से लें नजला समाप्त हो जायगा।

५८-स्मृति के लिये- बालछड़, ब्राह्मी, शंख पुष्पी, दूधियावच समान मात्रा में चूर्ण बना लें २१। ग्राम दूध से दें।

५९-पेट अफारा पर- कलमी शोरा, नौसादर हाँडी का, काली मिर्च सौदा नमक समान भाग लेकर चूर्ण बनालें। भोजन के बाद १ ग्राम लें।

६०-हर प्रकार की खाँसी के लिये अति उत्तम- छोटी इलायची के दाने ५ ग्राम, तेजपात ५ ग्राम या दालचीनी, ५ ग्राम छोटी पीपल, २० ग्राम मुलेठी, ४० ग्राम मिश्री, ४० ग्राम छुआरा गुठली निकाल कर, ४० ग्राम मुनक्का बीज निकालकर,

इच्छानुसार सन्तान

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वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri