इच्छानुसार संतान
Ichhanusar Santan
by बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta)
Source: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (origin)
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Read in contextपिलाया जाय तो दस्त होते हों तो बन्द हो जाते हैं इससे पाचन क्रिया ठीक रहती है।
जन्म घुड़ी
४ माशा हरं छोटी, ४ माशा हरं बकली, ६ माशा सौफ, २ माशा सनाय, २ माशा अजवायन, २ नग उन्नाव, ४ माशा बायविडंग, २ नग मरोइफली, १ माशा इन्द्र जी मीठा, १ माशा सुहाग खील, १ माशा गुदा अमलतास, २ माशा गुलाब फूल, १ माशा मुलेठी, १ नग मुनक्का, १ नग ढकपन्ना, १ नग बाखुम्बा, आधा नग अंजीर, १ माशा नरकाचूर, १ माशा खुबकला।
सब को दरदरा करके इसमें से २ तोला औषधि को लेकर आध पाव जल में पकाओ जब जल २॥ तोला रह जाय तो उतार कर छान लो और शीशी में भरकर रख लो। मात्रा एक चम्मच (टीस्पून) का थोड़ा शहद मिलाकर दें।
स्तन पान के समय कुछ ध्यान देने योग्य बातें
दूध- बच्चे का सर्वोत्तम भोजन माता का दूध है। बच्चे को जन्म के चौथे दिन से स्तन पान कराना उचित है। स्तन पान के समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बच्चे का सर ऊँचा और कमर नीची रहे जिससे दूध सीधा पेट में पहुँचता रहे।
स्तन अथवा स्तन वृत्त कठोर होने पर सुपारी को पानी में घिस कर लेप करने से स्तन कोमल हो जाते हैं और बच्चा सुगमता से दूध पीने लगता है।
स्तनों का मल, पसीना आदि धोकर साफ करके ही दूध पिलाना चाहिए। बालक को जितनी बार स्तन पान कराया जाय हर बार स्तनों को जल से धो लेना चाहिए और पहले थोड़ा-सा
इच्छानुसार सन्तान
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वीरेन्द्र गुप्तः
CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri