गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)
Gopatha Brahmana with Hindi Bhashya by Pt. Kshemkarandas Trivedi
by महर्षि गोपथ / पं. क्षेमकरणदास त्रिवेदी
Source: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · 1950 (origin)
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कण्डिका विषय पृष्ठ
२०—वैश्वानर जातवेदा और अश्व नामक अग्नि ... ... ११७
२१—वैश्वानर, जातवेदा और अश्व नामक अग्नि का वही विषय ... १२२
२२—सान्तपन अग्नि में प्राजापत्य हवि के साथ ब्राह्म्य हवि की
आवश्यकता ... ... ... ... १२६
२३—विना यज्ञ अग्नि वाला ब्राह्मण स्वर्ग नहीं पाता ... ... १२८
२४· ऋत्विजों के चुनाव में ऋग्वेदी होता, यजुर्वेदी अध्वर्यु, सामवेदी
उद्गाता, चतुर्वेदी ब्रह्मा होवे ... ... ... १३०
प्रपाठक ३ ॥
१—ऋत्विज् चुने हुये वेदवेत्ता पुरुष होवें ... ... १३३
२--चतुर्वेदी चार ऋत्विजों के बिना यज्ञ गिर जाता है ... १३५
३—यज्ञ में त्रुटि होने पर प्रायश्चित्त ... ... ... १३६
४—ऋत्विजों के कर्म जिनमें वे दक्षिणा पाते हैं ... ... १३८
५--तीन ऋत्विजों से यज्ञ करना ... ... ... १४०
६—उद्दालक ऋषि का उत्तर वालों से शास्त्रार्थ करने का प्रयत्न ... १४१
७—अमावस्या और पौर्णमासी के यज्ञ के सम्बन्ध से उद्दालक
के शरीरसम्बन्धी प्रश्न ... ... ... १४३
८—पूर्वोक्त प्रश्नों के विषय में उद्दालक और स्वैदायण वा शौनक
का.वार्तालाप ... ... ... ... १४१
६--अमावस्या और पूर्णमासी के यज्ञ विधान से शरीर की
अवस्था का वर्णन ... ... ... ... १४७
१०--कण्डिका ८ के यज्ञ सम्बन्धी प्रश्नों के उत्तर ... ... १५०
११--प्राचीन योग्य मुनि के उद्दालक से अग्निहोत्र विषयक
चालीस प्रश्न ... ... ... ... १५२
१२--प्राचीन योग्य के ४० प्रश्नों के उद्दालक के दिये उत्तर ... १५५
१३--तीनों अग्नियों में विघ्न पड़ने पर उपाय और प्रायश्चित्त ... १५६
१४—खान पान के लाभ ... ... ... १६२
१५—क्रियात्मक और मानसिक यज्ञ करना चाहिये ... ... १६४
१६--स्वाहा शब्द के विषय में प्रश्नोत्तर - ... १६६
१७--अग्निष्टोम विषय ... ... ... ... १६७
१८-पशुरूप वेदवाणी की सूक्ष्मता का विचार ... ... १६८
१६--दीक्षित पुरुष के कर्तव्य और अकर्तव्य कर्म ... ... १७१
२०--दीक्षा विषयक प्रश्नोत्तर ... ... ... १७४
२१—दीक्षित के कर्तव्य कर्म और भूल में प्रायश्चित्त ... ... १७६
२२-दीक्षित की भूल के प्रायश्चित्त ... ... ... १७७
२३--पुत्रेष्टि यज्ञ का विधान ... ... - १७६