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गीता-संग्रह (२५ प्राचीन गीताएँ)

गीता-संग्रह (२५ प्राचीन गीताएँ)

Gita Sangraha 25 Gitas

by महर्षि वेदव्यास / भगवान दत्तात्रेय आदि

DevanagariHindipublished675 pages

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५३६ * गीता-संग्रह *


षोडश प्रकरणमें १० श्लोक हैं। तत्त्वस्वरूपनामक सप्तदश प्रकरणमें २० श्लोक हैं। शमनामक अष्टादश प्रकरणमें १०० श्लोक हैं॥४॥

अष्टकं चात्मविश्रान्तौ जीवन्मुक्तौ चतुर्दश।
षट् सङ्ख्याक्रमविज्ञाने ग्रन्थैकात्म्यं ततः परम्॥५॥
विंशत्येकमितैः खण्डैः श्लोकैरात्माग्निमध्यखैः।
अवधूतानुभूतेशच श्लोकाः सङ्ख्याक्रमा अमी॥६॥

आत्मविश्रान्तिनामक उन्नीसवें प्रकरणमें ८ श्लोक हैं। जीवन्मुक्तिनामक विंशतिक प्रकरणमें १४ श्लोक हैं और संख्याक्रमविज्ञान नामक एकविंशतिक प्रकरणमें ६ श्लोक हैं। इस प्रकार सम्पूर्ण ग्रन्थमें इक्कीस प्रकरण और ३०३ श्लोक हैं। इस प्रकार अवधूतका अनुभवरूप जो ‘अष्टावक्रगीता’ है, उसके श्लोकोंकी संख्याका क्रम बताया है॥५-६॥

॥ इति श्रीमदष्टावक्रमुनिविरचितायां ब्रह्मविद्यायां संख्याक्रमविज्ञाननाम एकविंशतिकं प्रकरणं समाप्तम्॥२१॥
॥ अष्टावक्रगीता सम्पूर्ण॥