ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
Page 702 of 737
Read in contextPage 702
( ३२० )
यंत्राणिमान संज्ञां³श्चैवा⁴ध्यायाश्चतुर्दश ब्रह्मो¹ध्यायः⁵ ।
चतुर्विंशतिराद्यं दृं²शभिः सहोध्यायैः⁶ ॥ ६ ॥
श्री चापवंशतिलके श्री व्याघ्रमुखे नृपे शकनृपाणाम्¹ ।
पंचाशत्संयुक्तैः² वर्षशतैः³ पंचभिरतीतैः ५५०⁴ । ॥ ७ ॥
ब्रह्मस्फुटसिद्धांतैः⁴ सज्जनगणितगोलविप्रित्यै¹ ।
त्रिंशद्वर्षेण ततो² जिष्णुसुतब्रह्मगुप्ते⁶ ॥ ८ ॥
गणितेन फलं⁴ सिद्धं ब्राह्मं³ ध्यान ग्रहे यतोध्याये ।
ध्यानग्रहो द्विसप्तत्यार्याणां⁵ न लिखितोन्न मया ॥ ६ ॥
६. (घ) १. ब्राह्मो अध्यायः for (ब्रह्मोध्यायः) (ग) ब्राह्मो for (ब्रह्मो)
(वि०--यहां प्रथम पंक्ति समाप्त)
२. दंशभिः (ग) (च) (ङ) for (दृंशभिः)
(ग) ३. संज्ञारव्यो for (संज्ञाश्चै) ४. चाध्याय for (वाध्याया)
५. 'अध्यायः' से दूसरी पंक्ति आरम्भ (ङ)
(च) ५. अध्यायाः for (ध्यायः)
(ङ) ३. ख्याता for (श्चैवा) १. ब्राह्मो for (ब्रह्मो)
६. र्युताध्यायैः for (सहाध्यायैः)
७. (ग) १. नृपानाः for (नृपाणाम्) २. पंचशत्संयुक्तै for (पंचाशत्संयुक्तैः)
३. वर्षशतैः for (वर्षशतैः) ४. '५५०' संख्या लुप्त है।
(च) ५. श्रीचापविंशतिलके for (श्रीचापवंशतिलके)
६. पंचभिरतीतै for (पंचभिरतीतैः)
(ङ) ३. संयुक्तैर्वर्षशतैः for (संयुक्तैः वर्षशतैः)
८. (घ) १. विप्रीत्यै (ग) वित्रीत्यैः for (विप्रित्यै)
२. त्ततो (ग) कृतो (ङ) for (ततो) (ग) ३. ब्राह्मः (ङ) for (ब्रह्म)
४. स्फुटसिद्धांतः (ङ) for (स्फुटसिद्धांतैः) ५. गणितज्ञ for (गणित)
६. गुप्तेन (ङ) for (गुप्ते) (च) ५. सज्जनगणित for (सज्जनगणित)
१. विप्रीत्यै for (विप्रित्यै) २. त्ततो for (त्ततो)
(ङ) १. वित्रीत्यै for (विप्रित्यै)
९. (घ) १. लिखितोऽत्र (ङ) for (लिखितोत्र) (ग) २. सिधं for (सिद्धं)
(च) ८. ब्रह्मो for (ब्राह्मं) (ङ) ४. फले for (फलं)
२. सिद्धिब्राह्मो for (सिद्धं ब्राह्मं) ६. यतोऽध्याये for (यतोध्याये)
५. द्विसप्ततिरायार्याणां for (द्विसप्तत्यार्याणां)