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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 684 of 737

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Page 684

( ३०० )
मघ्यादिनोन्नतांशै ³ दिनार्द्ध नाड्यो ⁴ वदंति तुल्या ये ⁵ ।
ते ⁶ सूर्य्यास्त ¹ छादृष्ट ² छाया समान यतः ॥ ८ ॥
जीवा स्वाहोरात्रं परिकल्पाप्ता ¹ नतोन्नतत्रिज्या ।
अनुपातात् ⁵ तत्कार्या सूर्य्यगोलके ² चक्रे ³ चैवम् ॥ ९ ॥
दिन घटिकांकितपृष्टे ³ व्यस्त न तज्याग्रोन्नंतज्या ⁴ ।
चदिग्मध्ये ¹ च शलाकातच्छायाग्रं ² न तानाड्यः ॥ १० ॥
८. (घ) १. दृष्ट (ग) छायादृष्ट for (छादृष्ट) २. समानयत for (समानयतः)
(ग) ३. मध्यादिनोन्नतांशै for (मघ्यादिनोन्नतांशै)
४. नाडी for (नाड्यो) ५. तुल्यायै for (तुल्याये)
६. मूर्षास्त for (सूर्यास्त) (वि०-इसकी श्लोक संख्या ११ है)
(च) १. छादृष्ट for (छादृष्ट) २. युतः for (यतः)
(ङ) ३. मध्यदिवसोन्नतांशै for (मध्यादिनोन्नतांशै)
४. नाडीवंदन्ति for (नाड्योवदन्ति) ६. ते मूर्खास् for (ते सूर्यास्)
१. तच्छाया इष्ट for (तच्छादृष्ट)
९. (घ) १. न्रतो (ग) नतेन्नत for (नतोन्नत) २. स्तुर्या (ग) स्तुर्ये for (सूर्ये)
३. चक्रके (ङ) for (चक्रे)
(ग) ४. प्रकल्प्यग्रो for (परिकल्पाप्ता)
५. अनुपातातात्कार्या for (अनुपातात्तत्कार्या)
(वि०-इसकी श्लोक संख्या १२ है)
(च) १. न्तोन्नतत्रिज्या for (नतोन्नतत्रिज्या) २. स्तुर्यगोलके for (सूर्यगोलके)
(ङ) ६. जीवां स्वाहोरात्रे for (जीवास्वाहोरात्रं)
४. (परिकल्याप्ता) for (परिकल्पाप्ता)
१. न्रतोन्नतविज्याः for (नतोन्नतत्रिज्या)
२. कार्यास्तुर्यगोलके for (कार्या सूर्यगोलके)
१०. (घ) १. (च) (वि०-पहली पंक्ति का अंतिम पद) (ङ)
२. 'दिग्मध्ये' से आरम्भ (ग) दिनमध्ये for (दिग्मध्ये)
(ग) ३. पृष्टि for (पृष्टे) ४. व्यस्तनज्याग्र for (व्यस्तनतज्याग्रो)
५. उन्नतज्या च for (न्नोन्नतज्या) ६. शिलाका for (शलाका)
७. यान्नता नाड्यः for (ग्रं नतानाड्यः)
(वि०-इसकी श्लोक संख्या १३ है)
(ङ) ३. षटे for (पृष्टे)
५. प्रमुन्नतज्या for (न्नोन्नतज्या) ७. तच्छायाग्रान्नता for (तच्छायाग्रंनता)