ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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आद्यादनंतरोधः कल्पोत्य तुल्य माद्य कल्प प्राक् ।
न्यासो वर्गोन्योन्य प्रस्तारेर्द्ध समविषमाणां ॥ १२ ॥
नष्टांतपास्वाधस्थो न कल्प घातो अर्द्ध तुल्य विषमाणां ।
व्येकः पृथक् स्ववर्गोद्धृतः फलं तुल्य कल्पानाम् ॥ १३ ॥
उद्दिष्टे कल्प कृतो तीतै प्रथम फलस्वरूपेन्यः ।
असकृद्वर्गांश युते सैके वार्द्ध सम विषमाणां ॥ १४ ॥
१२. (घ) १. कल्पोऽनु (ग) कल्पोन्य for (कल्पोत्य)
२. न्यासोपवर्गो (ग) न्यासो च गोन्यो न for (न्यासोवर्गो)
३. न्योत for (न्योन्य)
४. प्रस्तारेऽर्ध (ग) (च) for (प्रस्तारेर्द्ध)
(ग) ५. कल्पः for (कल्प)
(च) १. काल्पोऽन्यतुल्य for (कल्पोत्यतुल्य) ३. न्योन for (न्योन्य)
(ङ) ६. दनन्तरोऽधः for (दनंतरोधः)
१. कल्पोऽन्यतुल्यमाद्यः for (कल्पोत्यतुल्यमाद्य)
५. 'कल्प' लुप्त ।
४. प्रस्तारोऽर्ध for (प्रस्तारेर्द्ध)
३. ऽन्योनः for (न्योन्य)
१३. (घ) १. नष्टांत्याश्चोस्थोन for (नष्टांतपास्वाधस्थोन)
२. र्द्धं (ग) (च) (ङ) ऽर्ध for (अर्द्ध) ३. वर्गो for (वर्गो)
(ग) १. नाष्टंत्यात् for (नष्टांत्) ५. ककल्प for (नकल्पा)
६. तुविषमाणां for (तुल्यविषमाणां) ७. द्धृतफलः for (द्धृतः फलं)
(ङ) १. नष्टेन्त्यात् for (नष्टांतपा)
१४. (घ) १. कृतेऽतीतैः (ग) हृतेतीतैः (ङ) for (कृतोतीतै)
२. फले (ङ) for (फल)
३. वर्गांश (ग) व्यसकृद्वर्गांश for (असकृद्वर्गांश)
(ग) ४. उद्दिष्ट for (उद्दिष्टे) ५. चार्ध for (वार्द्ध)
(च) १. कृतेऽतीतैः for (कृतोतीतै)
(ङ) ६. प्रथमः for (प्रथम) ५. वार्ध for (वार्द्ध)