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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 650 of 737

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Page 650

( २६६ )
^२सुखमात्रममी ^६प्रश्ना ^१प्रश्नान्यात्सहस्रशः कुर्यात् ।
^३अन्यैर्दत्तात्प्रश्नानुक्तै^४र्वा साधयेत्करणैः^४ ॥ ^५९९ ॥
जन संसदि दैवविदां तेजो नाशयति भानुरिव^२ भानाम् ।
^३कुट्टाकार^४प्रश्नैः पठितैरपि किं पुर्नर्जातैः^१ ॥ १०० ॥
प्रतिसूत्रममी^४ प्रश्नाः पठिताः सोद्देशकेषु सूत्रेषु ।
^१आयाणां ^२त्र्यधिकशते ^२कुट्टकोष्टादशोऽध्यायः ॥^५१०१॥
^३इति श्री ब्रह्मगुप्ते अष्टादशोऽध्यायः ।
९९ (घ) (वि०—इसकी क्रम संख्या १०० है)
१. प्रश्नानन्या (ग) प्रश्तानन्यान् (ङ) for (प्रश्नान्यात्)
(ग) देव्यात्र for (सुखमात्र) ३. दंत्तान् for (दंत्तात्) ४. त्करणैः for (करणैः)
(च) १. प्रश्नानन्यान्सहस्रशः (प्रश्नान्यात्सहस्रशः)
(वि०—इसकी क्रम संख्या १०० अंकित है)
(ङ) २. हृदि घात्रममी for (सुखमात्रममी) ६. प्रश्नाः for (प्रश्ना)
३. अन्यैर्दत्तान् for (अन्यैर्दत्तात्) ७. प्रश्नानुक्त्यैवं for (प्रश्नानुक्तैर्वा)
४. करणैः for (करणैः) (वि०—३. 'हृतान्मात्रममी' इति सुधाकरः)
१००. (घ) (वि०—इसकी क्रम संख्या १०१ है)
१. पुनर्जातैः (ग) (च) for (पुर्नर्जातैः) २. भारिव for (भानुरिव)
३. कुदाकारं for (कुट्टाकार) ४. प्रस्नैः for (प्रश्नैः)
(च) ३. कुदाकार प्रश्नैः for (कुट्टाकार प्रश्नैः)
५. (वि०—यहाँ क्रम संख्या १०१ अंकित है)
(ङ) १. पुनः शतशः for (पुर्नर्जातैः)
१०१. (घ) (वि०—इसकी क्रम संख्या १०२ है)
१. आर्याणाम् (ग) आर्या for (आयाणां) २. शतेन कुष्ट for (शते कुट्ट)
३. 'इति' से 'अध्यायः' तक अंकित नहीं है ।
(ग) २. समी प्रश्नाः for (ममी प्रश्नाः) २. शतेन for (शते)
३. इति श्रीब्रह्मसिद्धांते कुट्टकाध्यायाष्टदशमः ॥ १८ ॥ for (इति श्रीब्रह्मगुप्ते-
अष्टादशोऽध्यायः)
(च) १. आर्याणां for (आयाणां)
३. "इति" से "अध्यायः" लुप्त (केवल "श्री" अंकित है)
५. (वि०—क्रमसंख्या १०२ अंकित है)
(ङ) १. आर्या for (आयाणां) २. त्र्यधिकशतेन for (त्र्यधिकशते)
६. कुह्रश्चाष्टादशो for (कुट्टकोष्टादशो)