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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 648 of 737

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Page 648

( २६४ )
जिनरस गोब्धिरदृग्गुणा^१ ३२४६६२४^४ छशि^५ वसुकृत रसखभुत^२रामहूतान्^३ ।
इष्टावमशेषाद्यच्छेषं^६ रविभगण शेषं तत् ॥ ६३ ॥
गोर्गेंदुखेश^३ ११०१७६ गुणिताद्भूक्तानन्खपक्षयम^१ रसेषु^५ गुणैः^७ ३५६२२२०^२ ।
^६शेषमवमावशेषात्तित्थयो वमशेषकाद्विकलम् ॥ ६४ ॥
भागकलाविकलैक्यं दृष्ट्वा विकलांतरं न^१ के शेषैः^६ ।
ऐक्यं द्विधांतराधिकहीनं^३ द्विविभाजितं^४ शेषम्^२ ॥ ६५^५ ॥

६३. (घ)    (वि०—इसकी क्रमसंख्या ६४ है)
१. रदगुणा (ग) रसगुणा for (रद्गुणा)
२. भूत (ग) (ङ) for (भुत)
३. हूतान् । ३५६४८१ (ग) राहूतात् for (रामहूतान्)
(ग) ४. (वि०—संख्या के अंक लुप्त हैं) ५. शशि (ङ) for (छशि)
५. शेषाद्या for (शेषाद्य)
(च) १. रदगुणा for (रद्गुणा)    २. भूत for (भुत)
३. रामहतान् for (रामहूतान्) ७. वि०—यहां क्रमसंख्या ६४ अंकित है)
(ङ) १. गोऽब्धिरद ३२४६६२४ गुणात् for (गोब्धिरदृग्गुणा ३२४६६२४)
३. हूतात् for (हूतान्)    ६. शेषाद्यशेषं for (शेषाद्यच्छेषं)
६४. (घ)    (वि०—इसकी क्रमसंख्या ६५ है)
१. गुणिताद्भक्ता (ग) (च) (ङ) for (गुणिताद्भूक्ता)
२. '३५६२२२०' दूसरी पंक्ति का आरंभ (य) संख्या लुप्त
(ग) ३. गोगेंदुशेख for (गोर्गेंदुखेश)    ४. संख्या के अंक लुप्त हैं
५. नाख for (न्नख)    ६. शेषावमाव for (शेषमवमाव)
(च) ७. गणैः for (गुणैः)
(वि०—यहां क्रमसंख्या ६५ अंकित है)
(ङ) ३. गोऽगेंदु for (गोगेंदु)
६५. (घ)    (वि०—इसकी क्रमसंख्या ६६ है)
१. वके शेषे (ग) च के शेषे for (नके शेषैः)
२. शेषे (ग) (ङ) for (शेषम्)
(ग) ३. द्विघातरा for (द्विधांतरा)    ४. द्विभाजितं for (द्विविभाजितं)
(च) १. वकेशेषे for (नके शेषैः)    २. शेषे for (शेषम्)
(वि०--क्रमसंख्या ६६ अंकित है)
(ङ) १. च for (न)    ६. शेषे for (शेषैः)
३. द्विधान्तरा for (द्विधांतरा)    ४. च द्विभाजितं for (द्विभाजितं)