ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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इष्टग्रहेष्टशेषा^५ द्युगणो गतनिरप॑२र्वर्तयं॑१ संगुणितैः॑३ ।
छेददिनैरधिकोस्मादन्यग्रहशेषमिष्टो वा ॥ ८७^४ ॥
निश्छेदभागहारौ ग्रहयोर्भंगणादि शेषयोर्द्यु^३गुणात्॑१ ।
यस्मात्तं॑४ निश्छेदेनोद्धृतयोर्लब्धयोर्युगुणितौ॑२ ॥ ८८^६ ॥
निच्छेदभागहारौ विपरीतो तद्युतातफलस्तस्मात्॑१ ।
शेषेषु॑४ गुणादेवं॑२ त्र्यादिनां॑३ प्राग्वदिष्टदिने ॥ ८६^५ ॥
८७. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ८८ है)
१. 'यं' यह मूलपाठ में उपलब्ध नहीं (ग)
(ग) २. निरवर्तं for (निरपवर्तयं) ३. संगुणतः for (संगुणितैः)
(च) २. निरपवर्त्तंसंगुणितः for (निपवर्तयं संगुणितैः)
४. (वि०—क्रमसंख्या ८८ है)
(ङ) ५. शेषाद् for (शेषा)
८८. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ८६ है)
१. क॑र्गणात् for (द्युगुणात्) २. द्वृ॑तयो (ग) धृताया for (हृतयो)
(ग) ३. शेषवो द्युगणात् for (शेषयोर्द्युगणात्)
४. यस्मात्तन्न for (यस्मात्तं)
५. लब्धस॑ंगुणितौ for (लब्धयोर्गुिणतौ)
(च) १. द्यु॑गणात् (ङ) for (द्युगुणात्) २. नोद्धृ॑तयो for (नोद्धृतयो)
६. (वि०—क्रमसंख्या ८६ अंकित है)
(ङ) ७. निश्छेद for (निच्छेद) १. निश्छेदे for (निच्छेदे)
८. विपरीतो for (भंगणादि)
५. लब्धस॑ंगुणितौ for (लब्धयोर्गुणितौ)
३. ग्रहयो for (शेषयो)
८६. (घ) (वि०—इसकी क्रमसंख्या ६० है)
१. पुन (ग) पुनः शेषे for (फलस्तस्मात्)
२. द्युगणादेवं (च) (ङ) for (द्युगुणादेवं)
३. त्र्यादीनां (ग) (ङ) for (त्र्यादिना)
४. ३ द्युगणादैवत्त्र्यादीनां for (शेषेषु गुणादेवं त्र्यादिना)
(ग) (वि०—दूसरी पंक्ति "द्युगणा" से आरम्भ होती है)
(च) १. पुनस्तस्मात् (ङ) for (फलस्तस्मात्)
५. (वि०—क्रमसंख्या ६० अंकित है)
(ङ) ६. निश्छेद for (निच्छेद)