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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 640 of 737

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Page 640

( २५६ )
चतुरुनैन्यपद कृताञ्येकयुतेवधदलं पृथग्वे२कम् ।
व्येकाध्व्यह्तमंत्यं पदवधगुण मन्यदाद्यहृ५दम् ॥ ६८ ॥ १
वर्गं३ गुणकः४ क्षेप; केनचिदुद्धत युतोन५ को दलितः ।
प्रथमो॑त्ये६ मूलमन्यो गुणरपदोऽद्भु७त प्रथमम् ॥ ६९ ॥२
गुणके५ वर्गच्छिन्ने६ छेदपदे यो धृतपदं१ प्रथमवर्गः२।३
क्षेत्रे४ क्षेपे तन्मूले छेदपद गुणिते ॥ ७० ॥७

६८. (घ) (वि०-इसकी श्लोक संख्या ६६ है) १. त्र्येक for (श्रोक)
२. पृथग् (ग) for (पृथग्) (च) ३. ध्याह (ग) (ङ) for (ध्व्यह)
(ग) ४. चतुरूनोंत्यपदक्रतित्येकयुते for (चतुरुनैन्यपदकृता श्रोकयुते)
५. मन्याद्याद्यपदम् for (मन्यदाद्यपदम्)
(च) १. त्र्येकयुते for (श्रोकयुते) ३. च्छाहत for (ध्व्यहत)
(ङ) ७. कृती for (कृता) १. त्र्येकयुते for (श्रोकयुते)
२. पृथग्यन्येकम् for (पृथग्वे कम्) ५. माद्यमान्त्य for (मन्यदाद्य)
६९. (घ) (वि०-क्रम संख्या ७० है) १. गुणकार (ग) (ङ) for (गुणर)
२. पदोद्धूतः प्रथमम् (ग) धृतप्रथमः for (पदोद्भुत प्रथमम्)
(ग) ३. वर्गेण for (वर्ग) ४ गुणके (च) (ङ) for (गुणकः)
५. दुद्धतो नितोदलतः for (दुद्ध तयुतोनको दलितः)
६. प्रथर्मोत्ये (ङ) for (प्रथर्मोत्ये)
(च) २. पदोद्धूतः for (पदोद्भूत) ७. (वि०-क्रम संख्या ७० अंकित है)
(ङ) ७. युतोनितोदलितः for (युतोनको दलितः)
२. पदोद्धृतः प्रथमः for (पदोद्भुत प्रथमम्)
७०. (घ) (वि०-इसकी क्रमसंख्या ७१ है)
१. घृतं for (घृतपदं) २. प्रथमं for (प्रथम)
३. 'वर्ग' (यह शब्द दूसरी पंक्ति का आरंभिक पद है) ४. छिन्ने for (क्षेत्रे)
(च) ६. वर्गच्छोन्ने for (वर्गच्छिन्ने) १. द्वतपदं for (घृतपदं)
३. वर्ग for (वर्गः) ४. छेन्ने for (क्षेत्रे)
७. (वि०-यहाँ क्रम संख्या ७१ अंकित है)
(ङ) 'वर्गच्छिन्ने गुणके प्रथमं तन्मूलभाजितं भवति ।
वर्गच्छिन्ने क्षेपे तत्पदगुणिते तदा मूले ॥ ७० ॥
for
गुणके वर्गच्छिन्ने छेदपदे यो धृतपदं प्रथमवर्गः।
क्षेत्रे क्षेपे तन्मूले छेद पद गुणिते ॥ ७० ॥