ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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( २११ )
उदय ²ज्याविभक्ता क्रांतिज्या ³व्यासगुणालंबः⁴ ।
द्वादशगुणिता¹ क्षितिजा विषुवच्छाया⁵ हृता¹ क्रांतिः ॥ ४४ ॥
यष्टिव्यासार्द्धंग्रा¹प्राच्यपरा भास्करांतरांशज्या ।
द्विगुणमुदया³ सूत्रं तत्त्रिज्या कृतिविशेषपदम्⁴ ॥ ४५ ॥
द्यु³दले शंकु न तज्ये⁴ प्राच्यपराया यदि स्थितः शंकुः ।
उदगूना⁵ दक्षिणतः¹ स्तदंतरेणा²धिकार्काग्रा⁶ ॥ ४६ ॥
उत्तरगोले¹ नं तदं⁴ याम्य६ गोलगे५ सूर्ये ।
शंकुतल² शंकु हृतं³ विषुवच्छाया द्विष्टक् गुणम् ॥ ४७ ॥
४४. (घ) १. हृता (ग) (च) for (हूता)
(ग) २. ज्याया for (ज्या) ३. +दल+ (ङ) (च)
४. लब्धम् for (लम्ब:)
(ङ) ५. विषुवच्छाया for (विषुवच्छाया)
४५. (घ) १. ऽग्रा (च) for (ग्रा)
(ग) २. ‘तरां’ पद लुप्त है
३. मुदयास्तसूत्रं (ङ) for (मुदयासूत्रम्)
४. क्रांति for (कृति)
(च) २. ज्याः for (ज्या)
(ङ) १. व्यासार्धेऽग्रा for (व्यासार्द्धंग्रा)
४६. (घ) १. दक्षिणत (ग) for (दक्षिणतः)
२. ऽधिका for (धिका)
(ग) ३. द्यूदले for (द्युदले) ४. शंकुतज्ये for (शंकुनतज्ये)
५. उदगुना for (उदगूना) ६. कार्काग्रा for (कार्काग्रा)
(च) ७. तच्छे for (तज्ये) १. दक्षिणांत for (दक्षिणतः)
६. ऽधिकाकार्काग्रा for (धिकार्काग्रा)
(ङ) १. दक्षिणत for (दक्षिणतः)
४७. (घ) १. गोलेग्रौ (ग) उत्तगोलेग्रो for (उत्तर गोले)
२. तलं (ग) (ङ) for (तल)
३. हृतं (ग) (ङ) (च) for (हूतं)
(ग) ४. मंतदंतरं for (नं तदंतरं) ५. गोले for (गोलगे)
(च) १. गोलग्रौनं for (गोलेनं) ३. तदंतरं for (तदं)
७. विष्वच्छाया for (विषुवच्छाया)