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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 581 of 737

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Page 581

( १६५ )
रविबिम्बमेक¹मार्गच्छशिबि³म्बापक्रमे भवति यावत् ।
तावत्फ⁴लं तदुक्तं त²द्भावो तत्फला⁵भावः ॥ ४३ ॥ ६
ग्रहकक्ष्या³यनतुल्याः कक्षास्तन्मंद⁷शीघ्रपातानाम् ।
यस्मात्तस्मान्न⁴ पृथक्कक्षाः¹ कल्प्या²श्चलोच्चाद्याः⁸ ॥ ४४ ॥
पौलिश²रोमकवाशिष्ट⁵ सौर³पैतामहेषु यत्प्रोक्तम् ।
तन्नक्षा¹नयनं नार्यभटोक्तं तदुक्तिरतः⁴ ॥ ४५ ॥
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४३. (घ) (वि० — इसकी क्रमसंख्या ४४ है)
१. मार्गा (ग) मार्गात शशी for (मार्गाच्छिशि)
२. तदभावे (ग) तद्भावे for (तद्भावो)
(ग) ३. बिम्बापक्रमो for (बिम्बापक्रमे) ४ तावत्पलं for (तावत्फलं)
५. तत्फलोभावः for (तत्फलाभावः)
(च) २. तदभावे for (तद्भावो) ६. (वि० — क्रमसंख्या ४४ अंकित है) (ङ)
(ङ) १. मार्गाच्छिशि for (मार्गाच्छिशि) २. तदभावे for (तद्भावो)
४४. (घ) (वि० — इसकी क्रमसंख्या ४५ है)
१. पृथक्कक्षाः (ग) पृथक् कक्ष्या for (पृथक्कक्षाः)
२. कल्प्याश्चलोच्चाद्याः (ग) कल्पाचलोच्चाद्यात् for (कल्प्याश्चलोच्चाद्याः)
(ग) ३. ग्रहकक्षायन तुल्या for (ग्रहकक्ष्यायनतुल्याः) ४. तस्मात्तते for (तस्मान्न)
(च) १. पृथक्कक्षाः for (पृथक्कक्षाः) ५. (वि० क्रमसंख्या ४५ अंकित है) (ङ)
(ङ) ३. कक्षयैव for (कक्षायन) १. पृथक् कक्षा for (पृथक्कक्षाः)
७. तुल्या कक्षा for (तुल्याःकक्षा) २. कल्प्या for (कल्प्याश्)
७. स्तनमंद शीघ्र for (तन्मन्द) ८. चलोचाद्या for (चलोच्चाद्याः)
४५. (घ) (वि० — इसकी क्रमसंख्या ४६ है)
१. तन्नक्षत्रानयनम् (ग) for (तन्नक्षानयनं)
(ग) २. पौलश for (पौलिश) ३. सौर्य for (सौर)
(च) १. तन्नक्षत्रानयनं for (तन्नक्षानयनं) ४. (यहां क्रमसंख्या '४६' अंकित है ।)
(ङ) ५. वासिष्ठ for (वाशिष्ट)