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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 575 of 737

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Page 575

( १८६ )
इष्टज्या संगुणिता^१ पंचकयमलेक शून्यचन्द्रमसा^२ ।
इष्टज्यापादयुतव्यासार्द्धविभाजिताल्लब्धम्^३ ॥ २४^४ ॥
नवतिकृतेः प्रोह्यपदं नवतेः संशोध्य शेषकला^१ ।
एवं धनुरिष्टाया^२ भवति ज्यया^३ विना ज्याभिः^४ ॥ २५^५ ॥
इष्टोदैयिक^१भुजांतर^४मित व^२ स्फुट मध्यमांतरकलाभिः ।
वाश्विन्यौदयिकेषु^३ स्वचरप्राणैः^५ स्वफलमेवम्^७ ॥ २६^६ ॥
२४. (घ) (वि० इसकी क्रमसंख्या २५ दी गई है ।)
१. संगुणिताः (ग) (च) (ङ) for (संगुणिता)
२. चन्द्रमसः (ग) शून्यचन्द्रसमः for (चन्द्रमसा)
(च) २. चन्द्रमसः for (चन्द्रमसा) ३. इष्टद्या for (इष्टज्या)
४. (वि० क्रमसंख्या २५ अंकित है ।)
(ङ) (वि० इस श्लोक की क्रमसंख्या २५ है )
२. चन्द्रमसः for (चन्द्रमसा)
२५. (घ) १. कलाः for (कला) (ग) शेषभागकलाः or (शेषकला)
२. धनुरिष्टयो for (धनुरिष्टाया) ३. ज्याया (ग) (च) (ङ) for (ज्यया)
(वि०--इसकी संख्या २६ अंकित है)
(ग) ४. विज्याभिः for (विनाज्याभिः)
(च) १. शेषभागकलाः for (शेषकला) २. रिष्टया for (रिष्टाया)
५. (वि० क्रमसंख्या २६ अंकित है)
(ङ) १. शेषभागकलाः for (शेषकला) ४. विनाज्याभि for (विनाज्याभिः)
(वि० इसकी क्रमसंख्या २६ है)
२६. (घ) १. इष्टोदयिक (ङ) for (इष्टोदयिक)
२. मिनवत (ग) मिनवत् for (मितव)
३. नाश्विन्यौदयिकेषु (ग) नाश्विन्योदधिकेषु for (वाश्विन्यौदयिकेषु)
(ग) ४. भुजातर for (भुजांतर) ५. स्वरप्राणैः for (स्वचरप्राणैः)
(च) ६. (वि० यहां क्रमसंख्या २७ अंकित है) (ङ)
(ङ) २. वि० मिनवत् for (मितव) ७. भिनवन् for (मेवम्)
३. नाश्विन्यौदयिकेषु for (वाश्विन्यौदयिकेषु)