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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 562 of 737

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Page 562

( १७६ )
गतमासदिनावशेष²लब्धियोगाः³ त्रयोदशगुणाश्च⁴ ।
अधिमासशेषलब्धारविचन्द्रोच्चे¹ युते शोध्ये ॥ २४ ॥
केन्द्रे³ पृथक्⁴ फले द्वादशोद्धृते न्यस्तमृणधनं⁵ सौरम् ।
अनुलोममैदवं¹ मासदिनावशेषलब्धियुतौ² ॥ २५ ॥
तिथिविकलषष्टि¹घाताद्रविहृत²भुक्त्यंतराप्त³घटिकासु⁴ ।
देशांतरमनुलोमं⁵ भुजांतरं⁶ चार्कं⁷ फलमसवः ॥ २६ ॥
अवमविकलं न सावनमेभिः परिकल्पितं यतश्चांद्रम्² ।
नार्थभटाद्यैः³ प्रश्नो मध्यान्त्वत्वा कृतो ज्ञातः¹ ॥ २७ ॥
ज्ञातभुगणादिभुक्तं¹ सविकलम्राष्ट युगभगणसंगुणितम्³ ।
ज्ञातयुगभगणभक्तं² मध्योभगणादिफलमिष्टः ॥ २८ ॥

२४. (घ) १. चन्द्रोच्चे for (चन्द्रोच्चै)
(ग) २. दिनावमशेष for (दिनावशेष)
३. योगा for (योगाः) ४. त्र्योदश for (त्र्योदश)
(च) ४. त्र्योदश for (त्र्योदश)
२५. (घ) १. मैंदवं (ग) मैवं for (मैदवं)
२. लब्धयुतो for (लब्धियुतौ)
(ग) ३. केन्द्रं for (केन्द्रे) ४. पृथक् for (पृथक्)
५. बस्तमृण for (न्यस्तमृण)
२६. (ग) १. 'ष्टि' for (षष्टि)
२. द्रविहित for (द्रविहृत) ३. भुक्तांतराप्त for (भुक्त्यंतराप्त)
४. घटीकासु for (घटिकासु) ५. मनुलोमी for (मनुलोमं)
६. भुजांतर for (भुजांतरं) ७. वार्क for (चार्कं)
(च) २. द्रविह्वत for (द्रविहृत)
७. चार्कु for (चार्कं)
२७. (घ) १. कृतोज्ञातः for (कृतोज्ञातः)
(ग) २. यतश्चान्द्र for (यतश्चान्द्रम्) ३. प्रस्नो for (प्रश्नो)
२८. (घ) १. भगणादि (ग) (च) for (भुगणादि) २. मिष्टम् for (मिष्ट)
(वि०)—इस श्लोक की दोनों पंक्तियों के मध्य में निम्नांकित तीसरी
पंक्ति भी दी गई है—
"ज्ञात युगभगणादिभुक्तं सविकलम्राष्ट युग भगण संगुणितम्"
(ग) ३. संयुणितम् for (संगुणितम्)