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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 560 of 737

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Page 560

( १७४ )
गुणमधिमासकशेषं युगकुदिनै खमशेषमधिमासैः ।
तद्युतिरिन्दु¹दिनहृता²धिमासशेषं³ स्फुटं भवति ॥ १६ ॥
कुदिनगताधिकमासक¹घातः स्पष्टाधिमासशेषयुतः
भक्तो युगाधिमासै²रहाणिः पूर्ववन्मध्याः³ ॥ १७ ॥
भूदिनगता इवमवधः¹ शेषयुक्तो युगावमविभक्तः ।
लब्धं भवति द्युगुणो² युगयातो मध्यमाः³ प्राग्वत् ॥ १८ ॥
युगगंतरा¹शिमासवधाद्रविमासाप्तं दिना²कृतं सदिनम् ।
भूदिनगुण³शशिदिनहूत⁴पाप्त⁵महर्गणः मैकम्⁶ ॥ १६ ॥

१६. (घ) १. दित for (दिन) २. हृताधि (च) for (हृताधिमास)
(ग) ३. शेषस्फुटं for (शेषं स्फुटं)
१७. (ग) १. 'क' अंकित नहीं
२. मासरहर्गणः for (मासैरहाणिः)
३. पूर्ववत् मध्या for (पूर्ववन्मध्या)
(च) २. युगाधिमासैरहर्गणः for (युगाधिमासै रहाणिः)
१८. (ग) १. वधः स्वशेष for (वधः शेष)
२. द्युगणो (ग) (च) for (द्युगुणो)
(ग) ३. मध्यमा for (मध्यमाः)
(च) १. +स्व+
१९. (घ) १. युगगराराशि (ग) युगतराशि for (युगतराशि)
२. दिनीकृतं (ग) (च) for (दिनाकृतं)
३. गुणं for (गुण)
४. शशिदिनैर्हता (ग) शशिदिनहृत for (शशिदिनहूत)
५. माससंहर्गणः (ग) प्राप्तमहर्गणः for (पाप्तमहर्गणः)
६. सैकम् (ग) (च) for (मैकम्)
(ग) ७. मासास्त for (मासाप्तं)
(च) ५. माससंहर्गणाः for (पाप्तमहर्गणः)
४. दिनहृत for (दिनहूत)