ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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तात्कालिकोपकरणैः५ सकृदागतनाडिकाभिरह्नीन्दौ।१ २
रात्रौ३ वा प्रति घटिकं प्राग्वच्छं६ गोन्नतिः धार्या४ ॥ २४ ॥
मध्यच्छाया रविवत् स्वक्रान्त्या दर्शनेमनीष्टाच।४
एवं५ भ२ मुनीनामन्तर६ घटिका गुणं७ भुक्तिः३ ॥ २५ ॥
षष्ट्या विभजेत्३ लब्धं प्रागुदयास्तमययोः ग्रहे४ शोध्यम्।
पश्चात् क्षेप्यं प्रतिदिनमुदयस्तम५ यास६ कृदेवं२ ॥ २६ ॥
२४. (घ) १. रहींदो (ग) रहींदोः for (रह्नींदौ)
४. कार्याः (च) for कार्या
(ग) १. सकृतागत for (सकृदागत)
५. तात्कालिकोपकरणे for (तात्कालिकोपकरणैः)
(क) १. शकृद् for (सकृदागत) २. रहीदोः for (रह्नींदौ) ३. राश्रो for (रात्रौ)
३. घटिका for (घटिकं)
२५. (घ) ३. कांत्या for (क्रान्त्या)
१. सतीष्टा (ग) सती च for (मनीष्टा)
५. एवं ग्रह (ग) for (एवं भ)
६. मनीना (ग) मुनीना for (मुनीना)
७. गुणां for (गुणं) (ग) गुणाभक्तम् for (गुणं भुक्तिः)
(च) १. सतीष्टा for (मनीष्टा)
५. एवं ग्रहभ for (एवं भ)
(क) १. सतीष्टा for (मनीष्टा) २. ग्रह for (भ) ३. भुक्तिम् for (भुक्तिः)
२६. (घ) ३. विभजेल्लब्धं (ग) for (विभजेत्लब्धं)
४. ग्रं ह (ग) ग्रं हे (च) for (ग्रहे)
५. उदयास्त (ग) for (उदयस्त)
६. मयावसकृदेवं (ग) for (मयासकृदेवं)
(च) ३. विभजेल्लब्धं for (विभजेत्लब्धं)
७. विसर्गलुप्त
१. पश्चाक्षेप्यं for (पश्चात्क्षेप्य)
६. मयावसक्रदेवं for (मयासकृदेवं)
(क) ६. क्षेप्यत्र for (क्षेप्यं)
२. सकृदवम् for (सकृदेवं)