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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 489 of 737

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Page 489

( १०३ )
भुक्त्यंतरेण १भुक्तं २ग्रहान्तरं फलदिनैरधिकं६ भुक्तौ जीवरविज्ञानां ।
प्रागूनगतौ ३पश्चाद्द्यु४तिरधिके वक्रिणोर्व्यस्ता५ ॥ ४ ॥
एको वक्रि३भुक्तयोरुत्योनः१ प्रागथाधिकः२ ।
पश्चात्४ ग्रहयोरन्तर लिप्तास्तथैवभक्ताः५ स्वभुक्तिः६ गुणाः ॥ ५ ॥
स्वफलमृणं प्राक् पश्चाद्युतौ धनं वक्रिणी३ ग्रहे१ व्यस्तम्४ ।
समलिप्तौ बुधसितशीघ्रचन्द्रपाते च२ स्वफलम् ॥ ६ ॥
४. (घ) ६. दिनैरधिकभुक्तौ (ग) दिनैरधिकभुक्तौ for (दिनैरधिकं भुक्तौ)
४. पश्चाद्युति (ग) पश्चादृति for (पश्चाद्द्युति)
५. व्यस्ता भुक्तिगुणाः (ग) व्यस्ताः for (व्यस्ता)
(ग) १. भक्तं for (भुक्तं)
इस श्लोक की प्रथम पंक्ति का अन्तिम शब्द “जीवरविज्ञानां” इस प्रति में
उपलब्ध नहीं।
(च) ६. रधिकं for (रधिकं) ४ पश्चाद्युति for (पश्चाद्द्युति)
५. व्यस्ता for (व्यस्ता)
(क) १. भक्तं for (भुक्तं) २. ग्रहंतरं for (ग्रहान्तरं) ३. गतौ for (गतौ) ४.
पश्चात्युति for (पश्चाद्द्युति)
५. व्यस्तम् for (व्यस्ता)
५. (घ) ३. वक्री (ग) (च) for (वक्रि)
४. पश्चाच्च्यात् for (पश्चात्)
(ग) १. युत्योनः for (र्युत्योनः)
२. प्रागवाधिकः पश्चात् for (प्रागथाधिकः । पश्चात्)
५. भक्ता for (भक्ताः)
६. भुक्ति (च) for (भुक्तिः) इस श्लोक की प्रथमपंक्ति का अंतिम पद ‘पश्चात्’
है। अतः दूसरी पंक्ति ‘ग्रहयो’ से आरम्भ होती है।
(च) २. प्रागथाऽधिकः for (प्रागथाधिकः)
(क) १. युत्तचेन for (र्युत्योनः) २. प्रागथोधिकः for (प्रागथाधिकः)
६. (घ) ३. वक्रिणि (ग) for (वक्रिणी)
२. पातेषु च (ग) for (पातेच)
४. व्यस्तः for (व्यस्तम्)
(क) १. ग्रहो for (ग्रहे) २. पातेषु च फलम् for (पाते च स्वफलम्)