ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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खत्रिघन (घ्न) गुणा व्यासाद्धै^४ भाजिता^२ ३२७० चन्द्रपातयोगज्या^३ ।
विक्षेपकालाः^५ सौम्याः षट् राश्यूनधिके^१ याम्याः ॥ ५ ॥
रवशिशिभुक्तो भवदशगुणै^५ नख स्वरजिनैः^६ हते^२ नात्ते^३ ।
तत्वाष्टगुणितभुक्त्योर्विववरं^८ षष्ट्याहृतं तमसाः ॥ ६ ॥
छाद्य^१ छादक मानैक्यार्धं विक्षेप हनिकं^२ हन्नं^३ $\frac{११}{२०}$ $\frac{१०}{२४}$ ।
सर्वग्रहणं ग्राहचादधिके खण्डग्रहणमूने^४ ॥ ७ ॥
५. (च) १. षड्राश्यूने धिके (ग) षड्राशूनेधिके (क) षड्राश्यूनेऽधिके for (षट्राश्यूनधिके)
(ग) २. विभाजिता for (भाजिता)
३. ज्याः for (ज्या)
४. +२७०+
५. कलाः (क) for (कालाः)
(च) ६. सौम्या for (सौम्याः)
१. षड्राशूनधिके for (षट् राश्यूनधिके)
६. (घ) १. नखैः (क) (च) for (नखै)
२. हृते (ग) (क) (च) for (हृते)
३. माने (ग) (क) (च) for (नात्ते)
४. षष्ट्याहृतमंतरं तमसः (ग) षष्ट्याहृतं तसमः for (षष्ट्याहृतं तमसः)
(ग) ५. गुणौः १११०। for (गुणे)
६. जिनै २०१२४७ (क) जिनै for (जिनैः)
७. तत्वाष्ट २५१८ (क) तत्त्वाष्ट for (तत्वाष्ट)
(क) ८. भुक्तयो विवरं for (भुक्त्योर्विवरं)
६. षष्ट्याहृतं for (षष्ट्याहृतं)
७. (घ) १. छाद्य- (ग) (क) for (छाद्यं)
२. हीनकं (ग) (क) (च) for (हनिकं)
३. छन्नं । (ग) छिन्नम् (क) छन्नम् (च) for (हन्नं)
४. खण्ड (क) for (खण्ड)
(च) वि० इस श्लोक के बाईं ओर “ ${|c|c|} ११ & १०
\hline २० & २४ $ ” संख्यासारणी अंकित है।