ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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विषुवच्छाया^१ कृत्याद्वा^३ संगयुतया^२ ७२ न्यकृतियुतादाद्यात्^६ ।
पदमन्ययुतविहीनं^४ सौम्येतरगोलयोः^५ शंकुः ॥ ५५ ॥
विदिशोः^१ सौम्येतरयोरुत्तरगोले^६ ^२ पदोनयुक्तो^५ न्यः ।
सममण्डल दक्षिणातोतच्छाया^४ ^३ नाडिकाः^७ प्राग्वत् ॥ ५६ ॥
प्राच्यपरा^३ शंकुतलान्तरद्वयव्यस्तकर्णावधविवरं ।
समदिग्विषुवच्छायान्यदिगैक्यं^१ कर्णाविवरहतम्^२ ॥ ५७ ॥
५५. (घ) १. विषवच्छाया, (ग) for (विषुवच्छाया)
२. गसंयुतया ७२ for (संगयुतया ७२)
(ख) ३. कृत्याः व्यागसंयुतया for (कृत्याद्वा संगयुतया ७२)
(ग) ३. कृत्याद्वचग ७२ संयुतया (क) for (कृत्या द्वासंगयुतया)
४. परमन्ययुत (ख) पदमन्ययुतं for (पदमन्ययुत)
(ख) ६. युताद्याद्यात् for (युतादाद्यात्)
(च) १. विषुवच्छाया for (विषुवच्छाया) २. गसंयुतया ७२ for (संगयुतया ७२)
५६. (घ) १. विदिशो सौम्येतरयो (ग) विदशो सौम्येतरयो (क) for (विदिशोः सौम्ये-
तरयो)
२. रुत्तरागाले (क) रुत्तरागोले for (रुत्तरगोले) (ख) गोपदान for (गोलेप-
दोन)
३. तच्छाया (क) नच्छाया (ख) तच्छाया for (तच्छाया)
(ग) ४. दक्षिणागतच्छाया (क) दक्षिाणगे (ख) दक्षिाणगो for (दक्षिणातो)
(क) ५. ऽन्यः । (ख) युक्ता यः for (युक्तोन्यः)
(ख) १. वेदि for (विदिशोः)
६. शोम्येतरयो for (शौम्येतरयो)
७. नाहिका for (नाडिकाः)
(च) १. विदिशो for (विदिशोः) ३. तछाया for (तच्छाया)
५७. (घ) १. विषवच्छायां (ग) (क) विषुवच्छाया for (विषुवत्च्छाया)
२. कर्णाविवरहृतम् (ग) कर्णाविवरहृतम् for (कर्णाविवरहतम्)
३. यात्यपरा (ग) प्राच्यापरा for (प्राच्यपरा)
(च) १. विषुवच्छाया for (विषुवत्च्छाया) २. कर्णाविवरहृतम् for (कर्णाविवरहतं)