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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 429 of 737

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Page 429

( ४३ )
<sup>६</sup>जिनभागज्या <sup>१</sup>गुणिता <sup>७</sup>सूर्याद्या व्यासदलहृता<sup>२</sup><sub>६</sub>लब्धम् । <sup>३</sup>३२७०
<sup>४</sup>इष्टापक्रमजीवा <sup>५</sup>विषुवदुग् दक्षिणा <sup>६</sup>सवितुः ॥ ५५ ॥
<sup>६</sup>इष्टापक्रमवर्ग<sup>१</sup>मिज्यावर्गाद्<sup>२</sup>विशोध्य <sup>५</sup>१०६६१६०० शेषपदम् ।
विषुवदुदग् <sup>३</sup>दक्षिणतः <sup>४</sup>स्वाहोरात्र्यार्द्ध <sup>८</sup>विष्कंभः ॥ ५६ ॥

५५. (घ) १. +१३२६+(च)
२. +३२७०+(ग) (च)
३. यह संख्या यहाँ पर 'हृता' के पश्चात् है ।
४. दृष्टा for (इष्टा)
५. विषुवदुदिग्दक्षिणा (ग) विष्वदुदिग्दक्षिणे for (विषुवदुग्दक्षिणा)
६. सदितु (ख) सदितु (च) for (सवितुः)
(ग) ७. +१३२६+सूर्याज्ज्या (क) सूर्याज्ज्या (ख) सूर्यज्य for (सूर्याद्या)
(क) ८. दक्षिणो (ख) दक्षिण for (दक्षिणा)
(ख) ६. जिनभागाज्या for (जिनभागज्या)
(च) ५. विष्वदुदग्दक्षिणा for (विषुवदुग्दक्षिणा)
५६. (घ) १. वर्ग त्रिज्या (ग) (क) (ख) वर्ग त्रिज्या for (वर्गमिज्या)
२. वर्गाद्विशोध्य (ख) वर्गाद्विशेषपदम् for (वर्गाद्विशोध्य)
३. दक्षणात: (च) for (दक्षिणतः)
४. स्वाहोराद्धं (ग) स्वाहोरात्रार्द्धं (क) स्वाहोरात्रार्द्ध for (स्वाहोरात्र्यार्द्ध)
(ग) ५. +१०६६२६००+
(ख) ६. इष्टमपक्रम for (इष्टापक्रम)
७. ‘ग्’ लुप्त
४. स्वांहोरात्रार्ध for (स्वाहोरात्र्यार्द्ध)
८. विष्कभ्रः for (विष्कंभः)
(च) १. वर्गं त्रिज्या for (वर्गमिज्या)
४. स्वाहोराद्धं for (स्वाहोरात्र्यार्ध)